30.1 C
Delhi
Friday, June 24, 2022

Latest Posts

सृजन की शक्ति को विकसित-परिष्कृत कर उसे सु-अवसर प्रदान करने की है आवश्यकता : चांदनी अली आज़ाद

07 मार्च -फरीदाबाद | “कोई भी समाज और देश यश के शिखर पर तभी पहुंच सकता, जब उसकी महिला शक्ति सशक्त होकर कंधे से कन्धा मिला कर आगे बढ़े”, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वूमेन्स पॉवर संस्था और रोटरी क्लब ऑफ फरीदाबाद सिटी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वूमेन्स पॉवर संस्था की चेयरमैन चांदनी आज़ाद अली ने कहा कि आज समाज काफी आगे निकल गया है, लेकिन महिलाओं के हक की लड़ाई आज भी जारी है। हालांकि कई महिलाएं ऐसी हैं जो आज भी अपने हक के लिए के लिए लड़ रही है, आज भी कई जगहों पर सम्मान और अधिकार नहीं मिल रहे है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के अधिकार, सम्मान दिलाने के लिए समाज को जागरूक करने के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है।

उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ आधुनिक युग की नारी पढ़-लिख कर स्वतंत्र हुई है। वह अपने अधिकारों के प्रति सजग है तथा स्वयं अपना निर्णय ले रही है। अब वह चारदीवारी से बाहर निकलकर देश के लिए विशेष महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। लेकिन अभी इस दिशा में और अधिक प्रयास करके इस सृजन की शक्ति को विकसित-परिष्कृति कर उसे सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक न्याय, विचार, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, अवसर की समानता का सु-अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है.
चांदनी आज़ाद अली ने कहा की महिलाएँ हमारे देश की आबादी का लगभग आधा हिस्सा हैं। इसी वजह से राष्ट्र के विकास के महान काम में महिलाओं की भूमिका और योगदान को पूरी तरह और सही परिप्रेक्ष्य में रखकर ही राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए कई सारी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का गठन भारतीय महिलाओं के परिस्थिति को देखते हुए किया गया है ताकि समाज में उनकी भागीदारी को बढ़ाया जा सके। इनमें से कुछ मुख्य योजनाएँ मनरेगा, सर्व शिक्षा अभियान, जननी सुरक्षा योजना (मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए चलायी जाने वाली योजना), बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना, उज्जवला योजना एवं सपोर्ट टू ट्रेनिंग एंड एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम फॉर वूमेन आदि हैं।

चांदनी ने कहा कि जिस तरह से भारत आज दुनिया के सबसे तेज आर्थिक तरक्की प्राप्त करने वाले देशों में शुमार हुआ है, उसे देखते हुए निकट भविष्य में भारत को महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने पर भी ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। भारतीय समाज में सच में महिला सशक्तिकरण लाने के लिए महिलाओं के विरुद्ध बुरी प्रथाओं के मुख्य कारणों को समझना और उन्हें हटाना होगा जो समाज की पितृसत्तामक और पुरुष युक्त व्यवस्था है। यह बहुत आवश्यक है कि हम महिलाओं के विरुद्ध अपनी पुरानी सोच को बदलें और संवैधानिक तथा कानूनी प्रावधानों में भी बदलाव लाए।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया गया. वूमेन्स पॉवर संस्था ने भी महिलाओं के लिए इस दिन को और खास बनाने के लिए डांस, रैंपवॉक, सिंगिंग जैसे कार्यक्रम करके इस आयोजन को और खास बनाने की कोशिश की जिसमें सभी महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।

इस अवसर पर इंटरनेशनल एंकर, वूमेन्स पॉवर संस्था की महिला काउंसलर, मोटिवेशनल स्पीकर न्यूमेरो वान्या मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने कार्यक्रम को बेहतरीन तरीके से होस्ट किया। कार्यक्रम में डॉ संगीता तनेजा, न्यूज़ एनसीआर से एकता रमन, प्रीता आहूजा, नीलम तेवतिया, सोनू अल्हावत, रूपा सामसुंदरम, नीलम भाटी एवं अनुराधा शर्मा उपस्थित रहे. इस अवसर पर वूमेन्स पॉवर संस्था की वाइस प्रेसीडेंट डॉली कपूर ने कहा कि हमें महिला दिवस हर वर्ष नहीं हर दिन बनाना चाहिए वूमेन्स पॉवर संस्था की प्रेसीडेंट चांदनी आजाद अली ने मुख्य अतिथियों के साथ अपनी पूरी यूथ टीम को भी सम्मानित किया और सभी विजेताओं को पुरस्कार देकर सभी का आत्मसम्मान बढ़ाया।

Latest Posts

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.