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Sunday, January 23, 2022

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साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जिला पुलिस ने जारी की एडवाइजरी : पुलिस अधीक्षक पलवल

31 अक्तूबर-हथीन/माथुर | एसएसपी राजेश दुग्गल ने साइबर क्राइम से संबंधित आम लोगों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी की है। क्योंकि जैसे-जैसे तकनीकी बढती जा रही है वैसे-वैसे लोग शांपिग व आनलाईन पेमेंट करने के लिए ऑनलाइन ट्रांजक्शन को तेजी से अपना रहे है। उतनी ही तेजी से साईबर जालसाज लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहे है । पुलिस अधीक्षक पलवल ने आज साईबर ठगी से बचने के लिए जानकारी देते हुए कहा कि साईबर धोखाधडी से बचने के लिए खुद को अलर्ट साइबर अपराध के प्रति सावधान रहना अति आवश्यक है।

इस पर पुलिस अधीक्षक पलवल नें जनहित में आमजन को उन तरीकों की जानकारी देते हुए साइबर ठगी से बचने का आह्वान किया है। अगर कोई अपरिचित व्यक्ति आपको फोन करके किसी एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के लिए कहता है तो डाउनलोड ना करें, क्योंकि उससे आपका मोबाइल हैक हो सकता है। जालसाज पहले फोन में एप्लिकेशन डाउनलोड कराते हैं और केवाईसी करने के नाम पर आपसे 1 या 10 रुपये आपके ही बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं। उनके कहे मुताबिक ट्रांजेक्शन करते हैं तो उसी वक्त वह आपके हैक हुए फोन से आपके खाते से पैसे निकाल लेते हैं। इस पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अगर आप सावधान रहें ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहें।
इसके अलावा निम्न सावधानियों को अपनाकर साइबर ठगी से बचें।

साइबर ठगों द्वारा भेजे गए किसी भी लिंक पर ना करें क्लिक
एटीएम बूथ पर पैसे निकालते वक्त सावधान रहे। अपना पिन किसी को ना बताएं ना दिखाएं । ट्रांजक्शन करने में असमर्थ होने पर किसी भी अपरिचित व्यक्ति की सहायता ना लें । कुछ जालसाज अपने शिकार की तलाश में एटीएम बूथ के आसपास खड़े रहते हैं। जो कि मदद करने का आफर देते है, ऐसे अनजान व्यक्ति की कोई सहायता ना लें । पैसे निकालने में कभी मदद लेनी पड़े तो केवल बैंक के कर्मचारियों या एटीएम बूथ में मौजूद गार्ड की सहायता लें । किसी भी व्यक्ति के साथ अपने बैंक डिटेल, एटीएम कार्ड नंबर, कार्ड की एक्सपायरी, एवं कार्ड पर पीछे लिखे 3 डिजिट के सीवीवी नंबर को किसी के साथ शेयर ना करें । आनलाइन नैट बैंकिग इस्तेमाल करते समय ध्यान रखे कि ट्रांजक्शन हमेशा अपने पर्सनल कम्पयूटर/लैपटाप या फोन पर करें

जालसाज व्यक्ति आपको फोन कर पहले अपना परिचित बतलाकर अपनी आवाज पहचानने के लिए बोलते हैं। जब आप उसकी आवाज को पहचानते हुए किसी अपने परिचित का नाम बतलाते हैं तो वह व्यक्ति वही व्यक्ति बनकर, अपनी मजबूरी बतलाकर या आपके पास पैसे भेजकर किसी अन्य को देने के नाम पर आपसे पैसे की मांग करता है। किसी प्रकार के झांसे में ना आएं । किसी भी अपरिचित नंबर से आपके पास फोन मैसेज या व्हाट्सएप मैसेज पर कोई लिक या फोटो आए तो उस पर क्लिक ना करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर गृह मंत्रालय द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 155 260 पर संपर्क करें।

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