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Thursday, December 9, 2021

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सरकार ने मिड-डे-मील के बंद कराए अकाउंट, वर्चुअल खातों से रहेगी नजर

16 अक्टूबर – फरीदाबाद : उपायुक्त जितेन्द्र यादव ने कहा कि अब वर्चुअल अकाउंट खुलने से मिड-डे-मील राशि के इस्तेमाल में पूरी तरह से पारदर्शिता रहेगी। कुपोषण से बचाने के लिए स्कीम शुरू की गई है। पायलट स्कीम के जरिए बच्चों को एफसीआई की ओर से दिए जाने वाले पोषणयुक्त चावलों में आयरन, विटामिन बी-12, फॉलिक एसिड जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। इन चावलों का सेवन बच्चों को कुपोषण से बचाएंगा। पोषणयुक्त चावलों में जरूरी पोषक तत्व, विटामिन और खनिज की मात्रा को कृत्रिम तरीके से बढ़ाया जाता है। अब बच्चों को पोषणयुक्त आटे के साथ पोषणयुक्त चावल भी मिलेंगे। फिलहाल, स्कूली विद्यार्थियों को 100 ग्राम चावल व अपर प्राइमरी 150 ग्राम दिए जा रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ऋतु चौधरी ने बताया कि गत वर्ष कोरोना में सरकार ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील में खाना बंद करवा कर सूखा राशन बंटवाना शुरू कर दिया था। इसके लिए लॉकडाउन में भी अध्यापकों की ड्यूटी विद्यार्थियों को घर-घर राशन पहुंचाने की लगाई गई थी। जिला के सभी राजकीय स्कूलों में मार्च 2020 से 6 अक्टूबर 2021 तक विद्यार्थियों को सुखा राशन दिया जा दिया जा रहा था। इस सूखे राशन में विद्यार्थियों को चावल व आटा मिलता था, लेकिन अब शिक्षा विभाग ने गत 6 अक्टूबर काे पत्र जारी कर प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील के खाते बंद करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि मिड-डे-मील के इन बैंक खातों को बंद करके विभाग मिड-डे-मील के नए वर्चुअल खाते खुलवाए जाएंगे और पायलट स्कीम चलाई जाएगी। इस स्कीम के तहत बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें एफसीआई की ओर से सामान्य चावल की जगह पोषण युक्त चावल दिया जाएगा। वहीं, वर्चुअल खातों में विभाग मिड-डे-मील की राशि के इस्तेमाल को अकाउंट खोलकर देख सकेंगे। यह प्रोसेस मिड-डे-मील ग्रांट के रुपयों के इस्तेमाल में पारदर्शिता बरतने के लिए लागू की गई है। खण्ड शिक्षा अधिकारी बलबीर कौर ने कहा कि विभाग की इस पर सीधी नजर रहेगी। शिक्षा विभाग ने पुराने फिजिकल मिड-डे-मील के खातों को बंद करवाकर अब नए वर्चुअल अकाउंट खोलने की तैयारी कर ली है। इससे विभाग के पास वर्चुअल खातों में डाली पूरी राशि की जानकारी रहेगी। इन खातों के जरिए मिड-डे-मील की राशि के एक-एक रुपये का सीधा हिसाब विभाग के पास रहेगा। पता चल सकेगा कि किस स्कूल ने राशि के कितने रुपये कहां इस्तेमाल किए हैं, जबकि पुराने खातों के जरिए विभाग को हर जिला के हर स्कूल से अकाउंट की जानकारी मांगनी पड़ती थी। अब वर्चुअल अकाउंट खुलने से मिड-डे-मील राशि के इस्तेमाल में पूरी तरह से पारदर्शिता रहेगी। कुपोषण से बचाने के लिए स्कीम शुरू की गई है। पायलट स्कीम के जरिए बच्चों को एफसीआई की ओर से दिए जाने वाले पोषणयुक्त चावलों में आयरन, विटामिन बी-12, फॉलिक एसिड जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। इन चावलों का सेवन बच्चों को कुपोषण से बचाएंगा। पोषणयुक्त चावलों में जरूरी पोषक तत्व, विटामिन और खनिज की मात्रा को कृत्रिम तरीके से बढ़ाया जाता है। अब बच्चों को पोषणयुक्त आटे के साथ पोषणयुक्त चावल भी मिलेंगे। फिलहाल, स्कूली विद्यार्थियों को 100 ग्राम चावल व अपर प्राइमरी 150 ग्राम दिए जा रहे हैं।

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