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Friday, June 24, 2022

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दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने किया सिक्योरिटी ऑडिट, 500 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी से हटाया, पुलिस स्टेशनों से मांगी रिपोर्ट

16 अक्टूबर – दिल्ली (एन सी आर) : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में, दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने राजधानी दिल्ली में कानून प्रवर्तन को प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए कई सुधारात्मक उपाय किए हैं। गृह मंत्रालय के परामर्श से किए गए ऑडिट के बाद दिल्ली पुलिस के 500 से अधिक कर्मियों को सुरक्षा कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा पुलिसबल को युक्तिसंगत बनाने के लिए प्रत्येक पुलिस स्टेशन को यूनिट के साथ एक्टिव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों का ब्योरा देने के निर्देश दिए गए हैं। स्पेशल सेल और लॉ एंड ऑर्डर प्रमुखों जैसी विशेष पुलिस इकाइयों के पुनर्गठन के लिए कम से कम 79 पुलिस स्टेशन प्रमुखों का ट्रांसफर किया गया है।सिक्योरिटी ऑडिट में यह पाया गया कि दिल्ली पुलिस के कुछ सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों के पास 24X7 निजी सुरक्षा अधिकारी हैं, जो न केवल अधिकारियों बल्कि उनकी पत्नियों और बड़े हो चुके बच्चों की भी सुरक्षा कर रहे थे। कुछ पुलिस अधिकारियों जिसमें पूर्व पुलिस आयुक्तों, पूर्व गृह सचिवों और अन्य शामिल हैं, उन्हें बिना किसी खतरे का आकलन किए सुरक्षा प्रदान की गई थी।
कई अन्य लोगों की सुरक्षा को भी दिल्ली पुलिस ने डाउनग्रेड कर दिया है क्योंकि उन्हें कोई खतरा नहीं था, केवल स्टेटस सिंबल के लिए उनके पास सुरक्षा थी। इसके अलावा, पुलिस आयुक्त ने सभी पुलिस स्टेशनों को एक्टिव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की संख्या की रिपोर्ट करने के लिए कहा है, ताकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अपने कर्मचारियों को नई पोस्टिंग पर अपने साथ ना ले जा सकें। यह पाया गया कि कुछ अधिकारी अपने साथ लगभग 20 से 30 कर्मचारियों को अपनी नई पोस्टिंग पर ले गए, जिससे पिछली यूनिट में स्टाफ की कमी हो गई। ऐसे में कर्मचारियों जिसमें इंस्पेक्टर भी शामिल हैं, पोस्टिड यूनिट के प्रति जवाबदेह हैं, वे जिस अधिकारी के लिए काम कर रहे थे, उसके निजी कर्मचारी बन गए थे। अधिकारियों द्वारा इन कर्मचारियों को सब्जी खरीदने और बच्चों को स्कूल छोड़ने जैसे व्यक्तिगत कामों पर लगाया गया था।पुलिस आयुक्त ने 14 से अधिक विशेष आयुक्तों और कई संयुक्त आयुक्तों के साथ शीर्ष पुलिसबल के पुनर्गठन का भी निर्णय लिया है जो अभी कम काम वाले विभागों का नेतृत्व कर रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कई वरिष्ठ अधिकारी, जो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में फाइलों को इधर-उधर करने का काम कर रहे हैं, उनकी ऑन-फील्ड अनुभव के लिए तैनाती की जाएगी। इसके लिए गृह मंत्रालय के साथ परामर्श जारी है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल का भी पुनर्गठन किया गया है और तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को इसमें शामिल करके इसे और अधिक जवाबदेह बनाया गया है। ऐसा माना जाता है कि स्पेशल सेल को वरिष्ठ अधिकरियों की जानकारी के बिना कोई भी सोलो ऑपरेशन नहीं करने के लिए कहा गया है।

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