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Tuesday, October 19, 2021

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सिद्धू से बात बनी या बिगड़ी? आज दिल्ली आकर कांग्रेस लीडरशिप से बताएंगे चरणजीत सिंह चन्नी.

01 अक्टूबर :- पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे और कैप्टन अमरिंदर की खुली बगावत के बाद कांग्रेस बीच मझधार में फंसती नजर आ रही है। पंजाब कांग्रेस में मची खलबली के बीच आज मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी दिल्ली आ रहे हैं। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आज दोपहर में चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए रवाना होंगे और कांग्रेस लीडरशिप से मुलाकात करेंगे। इतना ही नहीं, वह पीएम मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं। माना जा रहा है कि गुरुवार को नवजोत सिंह सिद्धू के साथ बैठक में बात बनी या बिगड़ी, इस मसले पर चन्नी कांग्रेस आलकमान से चर्चा कर सकते हैं, क्योंकि सिद्धू से बात करने की जिम्मेदारी कांग्रेस ने चन्नी को ही दे रखी थी।
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री चन्नी पंजाब में जारी सियासी घटनाक्रम से आलाकमान को अवगत कराएंगे और सिद्धू किन-किन शर्तों पर मानने को तैयार हुए हैं या फिर उनके इस्तीफे पर क्या करना है, इस पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी फैसला लेंगी। बता दें कि गुरुवार को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू और पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के बीच करीब ढाई से 3 घंटे तक मुलाकात हुई थी। इस बैठक के बाद ऐसा लगा कि शायद सिद्धू पद पर बने रहने को लेकर मान गए हैं। इतना ही नहीं, बैठक के बाद पंजाब सरकार में मंत्री परगट सिंह ने भी कहा कि पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक है। दरअसल, सूत्रों ने बैठक के बाद कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद पर बने रह सकते हैं और पार्टी एक समन्वय समिति का गठन कर सकती है जिसके साथ पंजाब सरकार द्वारा भविष्य में लिए जाने वाले बड़े फैसलों पर विचार-विमर्श किए जाने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि इस समन्वय समिति में मुख्यमंत्री, नवजोत सिंह सिद्धू और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का एक प्रतिनिधि शामिल हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि एआईसीसी इस बाबत घोषणा कर सकती है। हालांकि, इस बारे में अब तक तस्वीर साफ नहीं हो सकी है कि डीजीपी और महाधिवक्ता की नियुक्ति को लेकर उभरे मतभेद से कैसे निपटा जाएगा?
गौरतलब है कि ‘दागदार’ अधिकारियों और मंत्रियों की नियुक्ति पर मतभेद को लेकर मंगलवार को सिद्धू ने कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। सिद्धू ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक तौर पर अपना गुस्सा जाहिर किया था। सूत्रों ने बताया कि चन्नी और सिद्धू के अलावा बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय पर्यवेक्षक हरीश रावत, मंत्री परगट सिंह और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष कुलजीत नागरा भी मौजूद रहे। पंजाब भवन में बैठक को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। पंजाब भवन से चन्नी शाम करीब छह बजे जबकि सिद्धू उसके आधे घंटे बाद बाहर निकले। पार्टी के किसी भी नेता ने बैठक में क्या हुआ इस पर मीडिया से बात नहीं की। इससे पहले आज दिन में सिद्धू मुख्यमंत्री चन्नी से मिलने के लिए पटियाला से चंडीगढ़ आए। चन्नी ने बुधवार को सिद्धू से बात करके समस्याओं को बातचीत के जरिए सुलझाने की पेशकश की थी। चन्नी के साथ मुलाकात से पहले कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने बृहस्पतिवार को राज्य के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि डीजीपी ने बेअदबी मामले में दो युवा सिखों को फंसा दिया और बादल परिवार के लोगों को क्लीन चिट दे दी।चन्नी सरकार में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इकबाल प्रीत सिंह सहोता को पंजाब पुलिस के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सहोता को प्रभार दिए जाने से नाराज सिद्धू ने कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। सहोता फरीदकोट में गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी की घटनाओं की जांच के लिए तत्कालीन अकाली सरकार द्वारा 2015 में गठित एक विशेष जांच दल के प्रमुख थे।

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