लॉकडाउन में ऑनलाइन पढ़ाई के जरिए बच्चों की मदद कर रहा है शिक्षा विभाग

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10 जुलाई-फरीदाबाद। उपायुक्त यशपाल के मार्गदर्शन में सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार कोविड -19 के कोरोना संक्रमण की हिदायतो के चलते बच्चों का विद्यालयों में आना सम्भव नहीं है। यह जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी ऋतु चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि बच्चों की पढ़ाई भी महत्वपूर्ण है। बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चलती रहे इसके लिए दूरवर्ती शिक्षा कार्यक्रम के तहत छात्रों के साथ जुड़ाव बढ़ाने के लिए जिला में विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला में शिक्षकों द्वारा बच्चों की लाइव कक्षाएँ संचालित की जा रही हैं। यूट्यूब के माध्यम से कक्षाएँ ली जा रही हैं। गूगल मीट के माध्यम से अध्यापक बच्चों से जुड़ने का प्रयास कर रहें हैं। उन्होंने बताया कि अगर बच्चों को पढ़ाई से संबंधित कोई परेशानी है, तो उसके लिए अध्यापकों द्वारा डाउट क्लास भी ली जा रहीं हैं। उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप, वॉइस मैसेज के माध्यम से बच्चों तक गृह कार्य पहुँचाया जा रहा है। जिन बच्चों के पास व्हाट्सएप फोन नही है। उनको शिक्षामित्र के माध्यम से शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। अवसर और दीक्षा ऐप पर पढ़ाई से संबंधित जो भी कार्यक्रम आता है, बच्चों को उसकी जानकारी दी जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि टीवी चैनलों के द्वारा भी बच्चों तक शिक्षा पहुँचाई जा रही है। जिन बच्चों के पास शिक्षा मित्र भी नहीं है उन बच्चों के पास अध्यापक स्वयं जा कर होमवर्क दे रहें हैं।

खण्ड शिक्षा अधिकारी श्रीमती बलबीर कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री दूरवर्ती को शिक्षा कार्यक्रम में शिक्षक, विद्यालय मुखिया, मेंटर्स, ब्लॉक व जिला स्तर के अधिकारियों की भूमिका व दायित्व सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री दूरवर्ती शिक्षा कार्यक्रम का आरंभ गत 11 जून को निदेशक माध्यमिक शिक्षा व मौलिक शिक्षा की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में किया गया था। इस कार्यक्रम में एससीईआरटी/SCERT द्वारा साप्ताहिक पाठयक्रम व दक्षताओ अनुसार कैलेंडर जारी किया गया है। जबकि एनसीईआरटी/NCERT द्वारा भी वैकल्पिक कैलेंडर जारी किया गया। खण्ड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अवसर ऐप पर भी साप्ताहिक पाठयक्रम व एजुसेट/ EDUSAT कार्यक्रम की सूची उपलब्ध है। इसके अनुसार छात्रों के साथ प्रतिदिन दो माध्यमों से कंटेंट को सांझा किया जाता हैं। हरियाणा बोर्ड का हिंदी माध्यम केबल, डीटीएच व जियो टीवी पर चलाया जा रहा है जबकि सीबीएसई/CBSE बोर्ड का अंग्रेजी माध्यम स्वयं प्रभा के 12 चैनल पर और व्हाट्स ऐप ग्रुप पर भी एजुसेट/ EDUSAT लिंक्स शेयर किए जाते हैं। बलबीर कौर ने बताया कि अवसर ऐप पर वीडियो सैक्शन में एजुसेट/ EDUSAT व अतिरिक्त शिक्षण सामग्री उपलब्ध है। लर्निग मैटीरियल सैक्शन के अंतर्गत वर्कशीट उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि सामग्री के आधार पर बच्चे प्रतिदिन सर्वे में भाग ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले माह में पढ़ाये गए पाठयक्रम पर आधारित वार्षिक परीक्षायें भी अवसर एप पर ली जाती हैं। छात्र प्रतिभागिता आई एजुसेट/ ID EDUSAT पर आ रहे पाठयक्रम को देखना, एजुसेट/ EDUSAT सर्वे मेगा सर्वे में भाग लेना। ऑनलाइन एसेसमेंट अवसर ऐप पर परीक्षा से आकलन दक्षता और कौशल अधारित प्रश्नों से अवसर ऐप पर बच्चों के रिपोर्ट कार्ड जारी होते हैं, जिससे वो अपने मार्क्स देख सकते हैं। उन्होंने बताया कि खण्ड स्तर व जिला स्तर के अधिकारियों, विद्यालय मुखियाओं तथा अध्यापकों के साथ पूर्ण जानकारी डैशबोर्ड तथा रिपोर्ट के माध्यम से सांझा की जाती है। अभिभावक, शिक्षक प्रतिभागिता विद्यालय द्वारा अभिभावकगण के सहयोग के लिए ऑनलाइन या सीमित संख्या में पीटीएम /PTM ली जानी चाहिए। खण्ड शिक्षा अधिकारी बलबीर कौर ने बताया कि इन कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट साप्ताहिक वीसी/ VC में मॉनिटर की जाएंगी। ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारीगण जिला में कितने शिक्षकगण और बच्चे ऐडुसेट कार्यक्रम देख रहे हैं। कितने प्रतिशत बच्चे डेली सर्व और मेगा सर्वे कर रहे है। कितने प्रतिशत टीचर्स साप्ताहिक फीडबैक फॉर्म अवसर ऐप पर भर रहे है। कितने प्रतिशत अध्यापक सप्ताह में कम से कम 1लाइव क्लास लेते हैं।कितने विद्यालय मुखिया अवसर ऐप पर अटेंडेंस लगा रहे हैं। कितने प्रतिशत बच्चे अवसर ऐप पर एजुसेट परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा के बाद होने वाली पीटीएम/ PTM में कितने अभिभावकगण ने भाग लिया।हर पंद्रह दिन में ब्लॉक ऑफिसर्स, मेंटर्स व विद्यालय मुखिया के साथ समीक्षा बैठक करें।अपने खण्ड और जिला के बेहतरीन प्रयासों को विभाग के साथ होने वाली साप्ताहिक मीटिंग में शेयर करें। फैकल्टी के अन्तर्गत आने वाले विद्यालयों की प्रत्येक कक्षा का व्हाट्स ऐप युज अपडेटेड हो।समस्त विद्यालय मुखिया और टीचर्स अपने दायित्वों को समय पर पूरा करें। मैटर्स प्रतिदिन एक स्कूल की दो कक्षाओं की ई मेटरिंग करें। एक माह में आपके अन्तर्गत आने वाले प्रत्येक विद्यालय के टीचर्स व कक्षा की ई मेंटरिंग करें। जो कक्षा विजिट की है उस कक्षा के एक अभिभावक को कॉल करके बच्चे की हेल्थ अधिगम (लर्निग) के बारे में बात करें। टीचर द्वारा की गई गतिविधियों पर कीडबैक देव उनकी शंकाओं का निवारण करें। समीक्षा ऐप से रिपोर्ट का निरीक्षण करें। ई मेटरिंग 20 ई विद्यालय मेगा सर्वे व सेट डैशबोर्ड को प्रतिदिन चैक करें। सहयोगी मैटर्स के साथ एक साप्ताहिक समीक्षा बैठक करें। विद्यालय मुखिया अवसर ऐप पर प्रतिदिन अध्यापकगण की अटेंडेस लगाएं। यह भी सुनिश्चित करें कि विद्यालय की सभी कक्षाओं के व्हाट्स ऐप ग्रुप बने हों। स्टॉफ के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित कर बताए गए मापदंडों को पूरा करें। अभिभावक से निरंतर बात करके फीडबैकले और जिला व ब्लॉक स्तर के अधिकारीगण एजुसेट की परीक्षा के बाद पीटीएम/PTM आयोजित कर पैरेंट्स से स्टूडेंट लर्निंग में सहयोग लें। टीचर्स सुनिश्चित करें कि कक्षा झाट्सएप्प गुप से ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी जुड़े हों। टाइम टेबल व प्रतिदिन शिक्षण सामग्री बच्चों के साथ साझा करें। सभी बच्चों से अक्सर ऐप पर डेली मेगा सर्वे करवाएं।ऐजुसेट पर प्रसारित विषय व पाठयक्रम पर एक लाइव कलास अवश्य लें। लाइव क्लास पर ना जुड़ने वाले बच्चों से 15 दिन में एक बार जरूर संपर्क स्थापित करें। अक्सर एक पर साप्ताहिक फीडबैक को शनिवार दोपहर 1 बजे से पहले अवश्य भरें। दुरवर्ती शिक्षा कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए अभिभावकों को शामिल कर उनसे सहयोग लें। जो छात्र लाइव कक्षा में नहीं जुड़ पाते, शिक्षक उन बच्चों से बारी से व्हाट्स ऐप कॉल, साधारण कॉल या अन्य माध्यमों से जुड़े। ये सुनिश्चित करें कि प्रत्येक छात्र से 15 दिन में एक बार अवश्य बात हो।

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