31.1 C
Delhi
Saturday, September 25, 2021

Latest Posts

“मेरा पानी-मेरी विरासत” योजना के लिए भी किसानों को जागरूक करें : अतिरिक्त गन्ना आयुक्त

फरीदाबाद, 17 जून। अतिरिक्त गन्ना आयुक्त डॉ. जगदीप सिंह बरार ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, फरीदाबाद के कृषि अधिकारियों, मार्किट कमेटी के सचिव, उद्यान विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभाग की सरकार द्वारा चलाई गई विभिन्न स्कीमों का अवलोकन किया।

उन्होंने कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही “मेरा पानी-मेरी विरासत” योजना की गहनता से समीक्षा की। उन्होंने अतिरिक्त पानी की खपत वाली फसल धान की फसल की जगह वैकल्पिक फसलों की बिजाई के लिए भी किसानों को जागरूक करने को कहा।

अतिरिक्त गन्ना आयुक्त डॉ. जगदीप सिंह बरार ने बताया कि इस योजना के तहत जिन किसानों ने पिछले वर्ष अपने धान के क्षेत्र को वैकल्पिक फसलों द्वारा विविधिकरण किया था तथा चालू खरीफ सीजन में भी यदि वो उस खेत में वैकल्पिक फसलों की बिजाई करते हैं, तो उन्हें भी प्रोत्साहन राशि 7000/-रु प्रति एकड़ दी जाएगी। इस योजना के अर्न्तगत जो किसान पिछले वर्ष धान बिजित क्षेत्र में चारे की फसल लेते है या अपने खेत को खाली रखते हैं, तो उन्हें भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सभी वैकल्पिक फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार द्वारा खरीदा जाएगा।

इस फसल विविधिकरण योजना के अर्न्तगत सभी वैकल्पिक फसलों का बीमा भी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा करवाया जाएगा। जिसके प्रीमियम की अदायगी प्रोत्साहन राशि से की जाएगी। आयुक्त ने अधिकारियों को कहा कि “मेरा पानी-मेरी विरासत” पोर्टल खुला है। उस पर ज्यादा से ज्यादा किसानों का पंजीकरण तिल, ग्वार, आदि बोने के लिए करवाएं। इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए।

अतिरिक्त गन्ना आयुक्त डॉ. जगदीप सिंह बरार ने सभी सरकारी, प्राईवेट बीज विक्रेताओं को भी बीज की उपलब्धता के बारे में पूछा और कहा कि किसानों के लिए मूंग, तिल, मुंगफली, अरण्डी का बीज सम्पूर्ण मात्रा में रखें। आयुक्त ने बल्लभगढ पंचायत भवन में भी कृषि अधिकारियों व किसानों से मुलाकात की और “मेरा पानी मेरी विरासत” पोर्टल पर पंजीकरण के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली और जल्द ही तकनीकी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। अतिरिक्त गन्ना आयुक्त डॉ. जगदीप सिंह बरार ने इस योजना को क्रियान्वित करने की जानकारी देते हुए बताया कि फसल विविधिकरण को बढावा देने तथा तकनीकी जानकारी हेतू किसानों को गांव स्तर पर कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा वैकल्पिक फसलें बिजाई करने हेतू पूर्ण जानकारी दी जाएगी। कृषि विभाग व कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा किसानों को वैकल्पिक फसलों की आधुनिक तकनीक से बिजाई करने व अच्छी पैदावार लेने हेतू प्रदर्शन प्लॉट भी आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का लाभ लेने हेतू इच्छुक किसानों को “मेरा पानी-मेरी विरासत” पोर्टल पर आगामी 25 जून तक पंजीकरण करना होगा।

Latest Posts

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.