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Friday, September 17, 2021

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‘जो पर्यावरण से दूर गया, वो बीमारी के करीब गया’ : पुलिस कमिश्नर

05 जून-फरीदाबाद | पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने पर्यावरण दिवस के मौके पर पुलिस लाइन सेक्टर 30 में पौधारोपण कर फरीदाबाद की जनता को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होने का संदेश दिया है।

इस मौके पर पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पर्यावरण दिवस एक अभियान है, जो प्रत्येक वर्ष 5 जून को, विश्वभर में पर्यावरण के नकारात्मक प्रभावों को रोकने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इस अभियान की शुरुआत करने का उद्देश्य वातावरण की स्थितियों पर ध्यान केन्द्रित करने और हमारे ग्रह पृथ्वी के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव का भाग बनने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।

इस मौके पर पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह के अलावा पुलिस उपायुक्त मुख्यालय डॉ. अर्पित जैन, पुलिस उपायुक्त एनआईटी डॉ. अंशु सिंगला, इको संस्था के अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

पुलिस कमिश्नर ने इस दौरान नीम का पेड़ रोपण करते हुए कहा कि नीम का पेड़ बहुत ही लाभदायक होता है यह कई तरह की बीमारियों को नष्ट करने में काम आता है और इसको मेडिकल लाइन में भी काफी इस्तेमाल किया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद डीसीपी एनआईटी श्रीमती अंशु सिंगला ने पीपल का पेड़ रोपण करते हुए कहा कि पीपल का पेड़ ऑक्सीजन देने में बहुत ही लाभदायक है और इसकी छाया भी काफी गहरी होती है और इसकी उम्र भी काफी बड़ी होती है।

इस दौरान उन्होंने पर्यावरण को बचाने के मकसद से “दंगल का जंगल” नाम से एक कार्यक्रम भी शुरू किया है।

कार्यक्रम के तहत फरीदाबाद पुलिस आने वाले 1 साल में फरीदाबाद जिले के सभी थाना, चौकी, आवासीय परिसर, सभी कार्यालयों में 1 लाख पौधा रोपण करेगी।

पुलिस कमिश्नर ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस पौधारोपण कार्य पंजाब की एक संस्था ‘इकोसिख’ के साथ मिलकर करेगी।

जंगल का दंगल कार्यक्रम के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हमने 1 साल में एक लाख पौधारोपण करने का संकल्प लिया है अगर कोई भी फरीदाबाद पुलिस को चैलेंज करना चाहता है कि वह फरीदाबाद पुलिस से ज्यादा पौधारोपण कर सकता है तो यह उनके लिए खुली छूट है कि वह आगे आए और हम से ज्यादा पौधरोपण करके दिखाए, इसलिए हमने इस कार्यक्रम का नाम जंगल का दंगल रखा है।

उन्होंने कहा कि जब हम कोई भी पेड़ लगाते हैं तो पेड़ को शुरुआती 1 साल में देखरेख करने की ज्यादा जरूरत होती है उसके बाद वह अपने आप पर निर्भर हो जाता है। शुरुआती 1 साल के लिए जो देखभाल होगी उसके लिए हम वक्त निकालेंगे और उनको अपना कीमती वक्त देंगे। हम पेड़ को बड़ा करने में केवल अपना एक वर्ष देंगे लेकिन पेड़ हमें सैकड़ों बरस तक ऑक्सीजन, छाया, फल के रूप में कुछ ना कुछ देता रहेगा।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि जो भी पर्यावरण से दूर गया वह बीमारी के करीब गया क्योंकि पर्यावरण ही हमें रोग मुक्त रखने में सक्षम है पर्यावरण ही जीवन है पर्यावरण नहीं होगा तो ऑक्सीजन नहीं होगा और ऑक्सीजन नहीं होगा तो जीवन नहीं होगा।

इस दौरान पुलिस कमिश्नर ने पुलिस उपायुक्त एनआईटी श्रीमती अंशु सिंगला और इकोसिख संस्था का पौधारोपण कार्यक्रम की पहल करने के लिए धन्यवाद दिया।

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