दिल्ली HC का फैसला : कोरोना के गंभीर लक्षण वाले मरीजों को भर्ती के लिए RTPCR रिपोर्ट जरूरी नहीं

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27 अप्रैल – फरीदाबाद | राजधानी में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोनो संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अस्पताल में भर्ती होने के लिए RT-PCR रिपोर्ट का पॉजिटिव होना जरूरी नहीं है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, ‘सभी जानते हैं कि दिल्ली में युद्ध जैसे हालात हैं। वक्त की मांग यही कहती है कि संदिग्ध संक्रमितों को तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जाए और उन्हें इलाज दिया जाए। इसके अलावा एग्रेसिव तरीके से टेस्टिंग भी जरूरी है।’

हाईकोर्ट ने यह फैसला जयदीप अहूजा बनाम दिल्ली सरकार के केस में सुनाया। इसमें एडवोकेट प्रवीण के शर्मा और धनंजय ग्रोवर ने याचिका दाखिल की थी। यह याचिका RT-PCR टेस्ट में कमी और अस्पतालों में RT-PCR रिपोर्ट के आधार पर मरीजों को भर्ती न करने के खिलाफ लगाई गई थी।

हाईकोर्ट ने कहा- दिल्ली सरकार फैसले के बारे में जनता को भी बताए। हाईकोर्ट ने इस मामले से जुड़े पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश दिया, ‘दिल्ली सरकार ये सुनिश्चित करे कि कोरोना के गंभीर लक्षणों वाले ऐसे किसी भी मरीज को भर्ती करने से अस्पताल मना न करें, जिसे इलाज की तुरंत जरूरत हो। अस्पताल RT-PCR की पॉजिटिव रिपोर्ट के नाम पर मरीजों को इनकार न करें।’

चीफ जस्टिस डीएन पटेल ने कहा, ‘सरकार को टेस्टिंग सेंटर्स बढ़ाने चाहिए, RT-PCR टेस्ट के लिए सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था को अपग्रेड करना चाहिए। ज्यादा टेस्ट करके हम युद्ध जैसे मौजूदा हालात से सही ढंग से निपट सकते हैं। हम अपील करते हैं कि ये सारी बातें प्रचारित की जाएं।’

कोर्ट में सुनवाई के दौरान एसजी तुषार मेहता ने कहा कि अगर इस तरह की हरकत हुई तो केन्द्र कड़ी कार्यवाही करेगा। कोर्ट ने इस पर राजस्थान द्वारा ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए जा रहे टैंकर को रोके जाने पर आपत्ति जाहिर की। कहा -केंद्र सरकार ने तुरंत टैंकर रिलीज किए जाने की बात कही है, पर इस तरह की हरकतों के लिए कोई जवाबदेही तय होनी चाहिए।

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