14.1 C
Delhi
Friday, December 2, 2022
No menu items!
More
    No menu items!

    Latest Posts

    जे.सी. बोस विश्वविद्यालय ने ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए ईईएसएल से किया समझौता

    12 अप्रैल, फरीदाबाद । विश्वविद्यालय में ऊर्जा दक्षता सुनिश्चित करने और अनुसंधान एवं नवाचार के लिए ऊर्जा दक्ष परियोजनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने आज एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये। एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रमों की एक संयुक्त उद्यम कंपनी है।

    इस समझौते पर विश्वविद्यालय की ओर से डीन, फैकल्टी आफ इंर्फोमेटिक्स एवं कम्प्यूटिंग तथा विश्वविद्यालय की केंद्रीय खरीद समिति (सीपीसी) के अध्यक्ष प्रो. कोमल कुमार भाटिया और ईईएसएल की ओर से निदेशक (परियोजना और व्यवसाय विकास) वेंकटेश द्विवेदी ने किये। इस अवसर पर उप कुलसचिव मनीष गुप्ता, निदेशक इंडस्ट्री रिलेशन्स डॉ. रश्मि पोपली तथा ईईएसएल से महाप्रबंधक (तकनीकी) प्रभात कुमार भी उपस्थित थे। प्रो. कोमल कुमार भाटिया ने कहा कि समझौते के तहत ईईएसएल की तकनीकी सहायता से विश्वविद्यालय में ऊर्जा दक्ष तथा नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जायेगा। यह विश्वविद्यालय को परिसर के भीतर ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा।

    कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने समझौते पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऊर्जा दक्ष तथा नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को अपनाकर विश्वविद्यालय की परिसर को ‘ग्रीन कैंपस’ के रूप में विकसित करने की योजना है। विश्वविद्यालय में जल्द ही 266 किलोवाट का ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईईएसएल का सहयोग विश्वविद्यालय को ‘ग्रीन कैंपस’ के रूप में विकसित करने में मददगार होगा।
    ईईएसएल के निदेशक (परियोजना और व्यवसाय विकास) श्री वेंकटेश द्विवेदी ने कहा कि ईईएसएल की स्थापना उद्योगों और राज्य सरकारों को उनकी ऊर्जा दक्ष परियोजनाओं को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से विद्युत मंत्रालय के अधीन की गई थी। यह उद्योगों और सरकारों को ऊर्जा दक्ष प्रौद्योगिकियों के माध्यम से उनकी ऊर्जा जरूरतों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में सक्षम बनाता है। उन्होंने बताया कि ईईएसएल ने देश में 36.5 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन को कम करते हुए सालाना 47 बिलियन किलोवाट ऊर्जा की बचत की है। इस अवसर पर उन्होंने आश्वासन दिया कि ईईएसएल विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छ और ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं के कार्यान्वयन में सहयोग देगा।

    Latest Posts

    Don't Miss

    Stay in touch

    To be updated with all the latest news, offers and special announcements.