कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने राज्यसभा में कहा- कृषि कानूनों पर किसानों को भड़काया गया

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5 फरवरी, फरीदाबाद । कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने आज संसद के बजटीय सत्र के दौरान राज्यसभा में बोला कि मोदी सरकार के तीन नए कृषि सुधार कानूनों पर किसानों को भड़काया जा रहा है। नरेंद्र तोमर ने यह भी बोला कि किसानों का आंदोलन बस एक राज्य के किसानों तक ही सीमित है। विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने कृषि कानूनों और किसान आंदोलन पर सरकार की वकालत करने के लिए कृषि मंत्री का आज सदन में संबोधन भी रखा गया था।
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाने के बाद किसान आंदोलन पर टिप्पणियां भी कीं और बोला कि इन कानूनों को लेकर किसानों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंंने इस बात का भी दावा किया कि विरोध करने वाले इन्हें काला कानून बता रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई यह नहीं बता पाया है कि इसमें काला है क्या। कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर बोला कि ‘मैं विपक्ष और किसान यूनियनों से दो महीनों से पूछ रहा हूं कि इन कानूनों में काला है क्या, ताकि हम उसे ठीक कर सकें. लेकिन कोई कुछ बता ही नहीं पाया है’।
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने बोला कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं और नए कानूनों का मकसद किसानों की आय में वृद्धि करना है। नरेंद्र तोमर ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को एक राज्य का मसला बताया है और बोला कि नए कानूनों में ऐसे कोई प्रावधान ही नहीं हैं जिनसे किसानों की जमीन छिन जाने का खतरा हो।
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्षी नेता नए कानूनों को काला कानून बता रहे हैं लेकिन वे यह नहीं बता रहे हैं कि इसमें क्या गड़बड़ी है।
कृषि मंत्री ने सदन को बताया कि सरकार आत्मनिर्भर पैकेज के तहत एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख करोड़ का फंड जारी किया है और यह सुनिश्चित कर रही है कि यह फंड कृषि क्षेत्र में पहुंचे।

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