भारतीय बाईक राइडर्स पर आधारित सिनेमा की पहली फ़िल्म ‘दा आईस केक’

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गुरुग्राम , 16 सितंबर | भारतीय सिनेमा जगत की पहली बाईक राईडरस के अनुभव पर आधारित फ़िल्म “दा आईस केक “ की कहानी 12 मोटरसाईकिल राईडर की कहानी है जिन्होंने दिल्ली से सपिटि घाटी तक 1400 किलोमीटर का सफ़र कड़ाके की ठंड मे तय किया । फ़िल्म की कहानी का लेखन और निर्देशन किया है जाने माने चित्रकार मनोज मॉर्य ने , मनोज मॉर्य आपने अनोखे कामों के लिये जाने जाते है । फ़िल्म में दर्शाया गया है कि कैसे बाईक राईडर के साथ लुटपात होती है , कुछ बिगड़े हुए लड़के बाईक राईडर बन जाते । यह फ़िल्म नशे के विरूद्ध संदेश देती है ।

समाजिक धारणाओं को तोड़ कर महिलाओं को पुरूषों के बराबर दिखाने का भरसक प्रयास किया है । हमारे समाज मे मोटरसाईकिल पुरुषों की सवारी समझा जाता है लेकिन फ़िल्म मे दर्शाया की कैसे तीन लड़कियाँ विपरीत परिस्थितियों मे लड़कों के साथ बाईक राईड करती है ।

यह फ़िल्म बाईक राईडर के प्रति लोगों का नज़रिया बदलने का काम करेगी क्योंकि लोगों को लगता है बाईकर नशा करते है पैसा ख़राब करते है । फ़िल्म की शूटिंग बेहद विपरीत परिस्थितियों मे की गई ख़ून जमा देने वाली बर्फ़ , गहरी खाइयाँ , टूटते पहाड़ और ना जाने क्या-क्या

पत्रकारों को आमंत्रित करते हुए मनोज मॉर्य ने बताया की फ़िल्म बनकर दर्शकों के लिए तैयार सिर्फ़ फ़िल्म का अंतिम दृश्य दर्शाना बाक़ी है जिसके लिये गुरुग्राम फ़रीदाबाद रोड़ स्थित ओराज ( ORAZ ) पर शूटिंग चल रही है ।

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