यूपीआई एप के जरिए निकाली रकम, चढ़े साइबर क्राइम के हत्थे

0
48

न्यूज़ एनसीआर, 10 अगस्त-फरीदाबाद | मोबाइल सिम को 4जी में अपडेट करने के नाम पर लोगों को बनाते थे अपना शिकार। अपने आपको बताते थे मोबाइल कंपनी के कर्मचारी।

यूपीआई ऐप के जरिए धोखाधड़ी करने वालों को पहली बार इंस्पेक्टर विनोद और उसकी टीम ने कड़ी मेहनत और अपने सूत्रों से मिली खबर के आधार पर मुंबई और झारखंड से 4 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

लोकेंद्र सिंह पुलिस उपायुक्त सेंट्रल ने आज 10 अगस्त 2018 को प्रेस वार्ता के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में खुलासा करते हुए बताया कि, साइबर अपराध शाखा को सूरजकुंड थाने में दर्ज साइबर ठगी के मुकदमे की तफ्तीश करने के निर्देश दिए गए थे, जिस पर इंस्पेक्टर विनोद ने अपनी टीम के ASI बाबूराम, ASI जावेद, ASI प्रमोद, HC वसीम, वीरपाल और नरेंद्र के अलावा क्राइम ब्रांच 65 के स्टाफ को साथ लेकर झारखंड में जाकर छापेमारी कर तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार।

प्रभारी साइबर अपराध शाखा ने बताया की विशेष सूत्रों से मिली सूचना पर आरोपी अंशु कुमार दास को दिनांक 2 अगस्त 2018 को मुंबई से व अन्य तीन आरोपियों को दिनांक 6 अगस्त 2018 को जामताड़ा झारखंड से गिरफ्तार किया है। 24 जुलाई 2018 को पूनम रानी निवासी दयालबाग, सूरजकुंड ने पुलिस को बताया था कि उसके पास बैंक मैनेजर यूनियन बैंक चेंबूर मुंबई से कॉल आई कि उसके बैंक ऑफ महाराष्ट्र से यूपीआई के जरिए ट्रांजैक्शन हुई है। पीड़ित ने अपने बैंक में जाकर पता किया तो उसे मालूम हुआ कि उसके बैंक अकाउंट से कुल 850000 किसी अनजान व्यक्ति ने यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिए निकाल लिए हैं।

पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो ने इस केस की तफ्तीश आरोपियों की जल्द धरपकड़ के निर्देश देते हुए साइबर सेल इंस्पेक्टर विनोद को सौंपी, जिसने डीसीपी क्राइम लोकेंद्र सिंह के निर्देश पर अपने नेतृत्व में एक टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई थी।

इंस्पेक्टर विनोद ने बताया कि टीम ASI बाबूराम, ASI जावेद, ASI प्रमोद के द्वारा गहराई से जांच करने के लिए, शिकायतकर्ता महिलाओं को जांच में शामिल किया गया तो, तफ्तीश के दौरान सामने आया कि शिकायतकर्ता के मोबाइल सिम को डीएक्टिवेट कर आकर किसी ने दूसरी SIM एक्टिवेट करा ली है और उसकी कॉल शिकायतकर्ता की दूसरी सिम पर फॉरवर्ड कर दी है जिसके कारण शिकायतकर्ता को पता ही नहीं चल सका कि उसकी SIM किसी और ने एक्टिवेट करा ली थी ताकि शिकायतकर्ता को शक ना हो।
शिकायतकर्ता से संबंधित केस में जांच में शामिल कर पूछताछ पर पता लगा कि कुछ समय पहले शिकायतकर्ता के मोबाइल पर Idea कंपनी की तरफ से उस की सिम को 3जी से 4जी में अपडेट करने के लिए उसके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आई थी और उसने शिकायतकर्ता से 123 पर SMS करने के लिए कहा था।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि, आरोपी अपने आप को टेलीकॉम कंपनी का एग्जीक्यूटिव बता लोगों को उनकी सिम 3जी से 4जी में अपग्रेड करने के नाम पर कॉल करते थे और उनको 123 या 121 पर अपने द्वारा भेजे गए SMS को फॉरवर्ड करने को कहते थे।
उपभोक्ता/ पीड़ित व्यक्ति उनके कहने पर मोबाइल कंपनी द्वारा भेजे गए SMS को आरोपियों के नंबर पर फॉरवर्ड sms कर देते थे।आरोपी उपभोक्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए SMS के आधार पर उनकी SIM को डीएक्टिवेट करवा कर, अपनी ब्लेंक सिम पर वह मोबाइल नंबर एक्टिवेट कर लेते थे। आरोपी मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के आधार पर यूपीआई ऐप के जरिए धोखाधड़ी से लोगों के पैसे अपने फर्जी अकाउंट व आरोपियों द्वारा अन्य गरीब लोगों के खुलवाएं हुए अकाउंट मे ट्रांसफर करा लेते थे। अन्य गरीब लोगों के अकाउंट डिटेल और उनके ATM भी आरोपी अपने पास रखते थे।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपियों का पुलिस रिमांड लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों के विभिन्न खातों में आई हुई धोखाधड़ी की रकम बरामद की जाएगी।अभी तक आरोपियों से Axis Bank की पीओएस मशीन,पासबुक व विभिन्न बैंकों की ATM कार्ड बरामद किए गए

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here