रकबर हत्याकांड को लेकर हुई महापंचायत, सरकार के सामने रखी 8 मांगे

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न्यूज़ एनसीआर, (मनीष आहूजा) 29 जुलाई-कोलगांव | राजस्थान में उन्मादी हिंसा में (मॉब लिंचिंग) मौत के घाट उतारे गए रकबर उर्फ अकबर हत्याकांड को लेकर रविवार को कोलगांव में 36 बिरादरी के लोगों की एक महापंचायत हुई। महापंचायत में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। महापंचायत में दूर दराज से आए वक्ताओं ने अपनी अपनी बात रखी। इस महापंचायत के माध्यम से जिले के सभी राजनैतिक व सामाजिक संगठनों के लोग एक छत के नीचे नजर आए। जिसमें सभी ने अपने अपने राजनीतिक दलों से अलग हटकर मामले में आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पीडि़त परिवार के लिए मुआवजे की मांं रखी।

महापंचायत में उन्मादी हिंसाओं से बिगड़ रहे भाईचारे को बनाए रखने की तमाम कोशिशों पर बातचीत हुई। महापंचायत में राजस्थान सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान उठाते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। पंचायत में रामगढ़ के विधायक ज्ञानदेव आहूजा व पुलिस को सूचना देने वाले नवल किशोर की भूमिका की जांच करने और उन्हें रकबर हत्याकांड में दोषि बनाने की मांग महापंचायत में लोगों ने उठाई।
राजस्थान सरकार के समक्ष मीडिया के जरीए रखी गई महापंचायत में आठ सूत्रीय मांगे – रकबर के गांव कोलगांव में हुई महापंचायत के जरीए क्षेत्र के लोगों ने राजस्थान के समक्ष आठ सूत्रीय मांगपत्र रखा। सभी की सहमति से तैयार किए गए इस मांगपत्र को राजस्थान सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
  •  मेवात में फिर भाईचारा कायम कर फांसीवादी ताकतों को करारा जवाब दिया जाए जिससे ऐसी घटनाएं दोबारा कहीं न हों।
  • रकबर के पीडि़त बच्चों को राजस्थान सरकार की तरफ से 50 लाख का मुआवजा और बच्चों की शिक्षा का खर्च सरकार उठाए।
  • रकबर की पीडि़त विधवा सरकारी नौकरी दी जाए।
  • रकबर की हत्या में साजिश रचने वाले नवल किशोर और विधायक ज्ञानचंद आहूजा को दोषी बनाकर गिरफ्तार किया जाए।
  • मामले से जुड़े दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
  • केस से मुख्य गवाह असलम के बयान राजस्थान पुलिस कोलगांव फिरोजपुर झिरका आकर दर्ज करे।
  • इस मुकदमें तफसीश के नाम पर पीडि़त और गवाहों को पुलिस तंग न करें।
  • जांच के दौरान रकबर हत्या इंसाफ कमेटी के सदस्यों को मौजूद रहने दिया जाए तथा मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से करवाई जाए की मांग प्रमुख रूप से सरकार के समक्ष रखी गई।
इस मौके पर पूर्व राज्यसभा सदस्य अली अनवर अंसारी, स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव, हरियाणा सरकार में राज्यमंत्री रहीसा खान, पूर्व मंत्री आफताब अहमद, पूर्व मंत्री आजाद मोहम्मद, क्षेत्रीय विधायक नसीम अहमद, पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान, पूर्व विधायक शहीदा खान, भाजपा नेता आलम मुंडल, कांग्रेसी नेता अमन अहमद,  मामन खान, पूर्व विधायक अजमत खां, मोहम्मदी बेगम, ताहिर हुसैन, ऐजाज अहमद, याकूब मुरली, अखतर हुसैन काटपुरी, रमजान चौधरी, साकिर सरपंच, उमर पाडला, मामन खान इंजीनियर, मेव पंचायत अलवर के सदर शेर मोहम्मद, सलामूदीन एडवोकेट, यावर आलम, यूसुफ एडवोकेट, इसराक एडवोकेट सहित दर्जनों सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी व इलाके के मौजिज लोगों ने भाग लिया।
क्षेत्र के नेताओं ने एक मंच पर आकर दिया समाज में एकजुटता का संदेश – जी हा फिरोजपुर झिरका के कोलगांव में हुई महापंचायत में  हरियाणा में विभिन्न पाटियों का प्रतिनिधित्व कर रहे है और यह पहला मंच है कि सभी दल के नेता एक साथ आए। जिसका उद्देश्य साफ झलक रहा था कि आगे किसी रकबर के नाम पर ऐसी हत्या नही हो इसके लिए एकजुट होकर राजस्थान सरकार से लड़ाई लड़ी जाए। भाजपा, इनेलो, कांग्रेस व अन्य पाटिर्यो के नेता एक साथ महापंचायत कर अपनी आवाज को बुलंद करने का काम किया ओर मंच से सभी ने न्याय के लिए व अपने हक के लिए आवाज उठाई।
हरियाणा सरकार की सहायता के लिए आभार जताया – कोलगांव में हुई महापंचायत में मंच के माध्यम से हर पार्टी के नेता व समाजसेवी ने हरियाणा की भाजपा सरकार का रकबर के परिवार को दी पांच लाख रूपए की राशि व तीन लाख वक्फ बोर्ड के चैयरमैन व राज्यमंत्री रहीसा की ओर से दी गई राशि के लिए आभार जताया गया। लोगों का यह भी कहना था कि हरियाणा सरकार का कोई दोष नही है। सारा दोष राजस्थान सरकार का  है। जिसने पीडि़त परिवार की कोई सुध नही ली है।

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