एक बार फिर से महंत की भूमिका में नजर आएंगे यूपी के सीएम योगी

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न्यूज़ एनसीआर, 29 सितंबर-लखनऊ | महंत से सीएम बने योगी आदित्यनाथ एक बार फिर महंत की भूमिका में गौरक्षपीठ के दशकों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते नजर आएंगे। दरअसल विजय दशमी के अवसर पर नाथ परंपरा के अनुयायी अपने पीठाधीश्वर का शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

मंदिर के वैदिक पं. रामानुज शास्त्री के अनुसार गोरखनाथ मंदिर के महंत को हर वर्ष इस परंपरा का निर्वहन करना होता है। उन्होंने बताया कि विजय दशमी का उत्सव सुबह 3 बजे प्रार्थना से शुरू होगा और रात 8 बजे तक चलेगा, इसके बाद नाथ संप्रदाय के अनुयायी महंत योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे और शाम 4 बजे भगवा ध्वज लगे रथ में योगी रामलीला मैदान में पहुंचेंगे जहां वह बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक भगवान राम की आरती करेंगे।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए योगी आदित्यनाथ मंगलवार को ही गोरखपुर पहुंच गए हैं और उनका 5 दिन तक गोरखनाथ मंदिर में रुकने का कार्यक्रम है। महंत अवैधनाथ के बाद से योगी आदित्यनाथ हर साल इस कार्यक्रम में अगुवाई करते आए हैं। इस बार वह प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए हैं इसलिए इस बार शोभायात्रा और भव्य होने की उम्मीद है जिसमें 10 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

परंपरा के मुताबिक नवरात्र अष्टमी को सीएम योगी आदित्यनाथ शस्त्र पुजन करेंगे, इसके बाद नवमी को हवन के बाद कन्या भोज का आयोजन होगा। सीएम के इस दौरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। आई.जी. गोरखपुर के मुताबिक दशहरा और मोहर्रम को देखते हुए प्रदेश भर में अलर्ट जारी है। चूंकि गोरखपुर संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है इसलिए यहां पी.ए.सी. और रैपिड एक्शन फोर्स की कंपनियों के साथ पुलिस की तैनाती की गई है, साथ ही मुख्यमंत्री को प्रोटोकॉल के हिसाब से सुरक्षा दी जा रही है।

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