जन्मदिवस मानाने के बहाने डेरा में बुलवाया गया था भक्तों को, लाशें बिछाने के लिए बनाया जा रहा था दवाब

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न्यूज़ एनसीआर, 28 अगस्त-सिरसा | डेरा प्रमुख पर आज 2:30 बजे फैसला आने वाला है। रोहतक जेल में कोर्ट रूम कल ही तैयार हो गया था। आज जस्टिस जगदीप सिंह सजा का एलान करेंगे। डेरा प्रमुख पर फैंसला आने से एक दिन पहले ही रविवार शाम सेना और प्रशासन के दबाव में डेरा प्रेमी बोरिया बिस्तर उठाकर बाहर निकलने लगे। डेरे के अंदर अब भी करीब 30 हजार लोगों के फंसे होने की आशंका है।

पहचान छिपाए रखने की शर्त पर एक डेरा प्रेमी ने बताया कि उन्हें सत्संग और राम रहीम के जन्म दिवस समारोह के लिए बुलाया था। कई लोगों को बाद में हुई बैठकों में बुलाया गया। गांवों में डेरा सदस्यों ने हर घर से ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को डेरे में बुलाया। कहा गया कि डेरा प्रमुख के बरी होने पर खुशी मनाई जाएगी। आस्था के चलते बहुत बड़ी संख्या में लोग घरों को ताला लगाकर डेरे में पहुंच गए। लेकिन राम रहीम के जेल जाने के बाद से अंदर का माहौल काफी खौफनाक हो गया। अनुयायी ने कहा कि उनकी राम रहीम पर आस्था थी। लेकिन अदालत के फैसले के बाद डेरे के अंदर बाहर हुए घटनाक्रम ने उन्हें व्यथित कर दिया।

उन्होंने कहा की हमें डेरे में हमेशा पीड़ितों की सहायता की सीख दी गई थी। लेकिन पिछले तीन दिन से डेरे के अंदर और बाहर कई लोग अनुयायियों को लाशें बिछाने के लिए भड़का रहे थे। सिरसा के डीसी प्रभजोत सिंह ने बताया कि अभी सेना को डेरा मुख्यालय में जाने का आदेश नहीं दिया गया है। प्रयास यही है कि सेना की एंट्री के बिना ही डेरा खाली हो जाए। उधर जिला प्रशासन ने डेरे के अनाथालय में रह रहे 40 बच्चों को बाल आश्रम भेज दिया है।

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