फरीदाबाद : नाट्य एवं कला महोत्सव में दूसरे दिन “भक्त पूरणमल” पर आधारित सांग की मनमोहक प्रस्तुति हुई

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फरीदाबाद। हरियाणा कला परिषद व ब्रज नट मंडली द्वारा हुड्डा कन्वेन्शन हॉल सेक्टर 12 में चल रहे नाट्य एवं कला महोत्सव के दूसरे दिन सुप्रसिद्ध कलाकार तोहफ़ा व गय्यूर की पार्टी द्वारा “भक्त पूरणमल” का सांग किया गया। सांग में रागनियों की प्रस्तुति के द्वारा भक्त पूरणमल की जीवन लीला को बताया गया। कलाकारों ने बताया कि स्यालकोट के राजा सलभान की दो रानियां थी, जिनका नाम इछिरा देवी ओर लूना देवी था।

गुरु गोरखनाथ के वरदान से इछिरा देवी को पुत्र की प्राप्ति हुई, जिसका नाम पूरणमल रखा गया। पूरणमल के जन्म के समय राजा को बताया गया की आप इसका मुँह 12 वर्ष तक नहीं देखेंगे। इसलिये राजा सलभान ने पूरणमल को 12 वर्ष की आयु तक अपने राजमहल से दूर रखा। और इसकी बीच उन्होंने दूसरी शादी कर ली। दूसरी रानी का नाम लूना देवी था। जब 12 वर्ष बाद पूरणमल को वापिस राज महल में लाया गया तो राजा सलभान ने उसे अपनी दूसरी माँ लूना देवी से मिलने के लिए भेजा।

लूना देवी ने जब पूरणमल को देखा तो वह पूरणमल के रूप पर मोहित हो गई और अपने माँ-बेटे के रिश्ते को भूलकर उससे इश्क़ करने की पेशकश करने लगी लेकिन पूरणमल ने साफ़ इंकार कर दिया ओर वहाँ से चला गया। इसी घटनाक्रम में पूरणमल का रुमाल रानी के कक्ष में रह गया जिसका रानी ने ग़लत इस्तेमाल कर उसे राजा के समक्ष पेश करते हुए कहा की पूरणमल ने मेरे साथ जोर-जबरदस्ती की है। राजा लूना देवी की बातों पर विश्वास कर पूरणमल को जल्लादों के हवाले करते हुए आदेश देते हैं की पूरणमल की दोनों आँखें निकाल ली जाएँ और इसके शरीर से दो कटोरे रक्त से भरकर लाएं जाएँ।

दर्शक कह उठे “वाह”…..

सभागार में उपस्तिथ मन्त्रमुग्ध दर्शकों ने “सांग” की प्रस्तुति पर खुश होकर कलाकारों को ईनाम स्वरुप नकद राशि भी प्रदान की। इसके साथ ही दर्शकदीर्घा में बैठे लोगों ने खड़े हो-होकर तालियां बजाईं व रागिनी कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

 

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