शाम होते ही निगम कर्मचारियों के खुलेआम छलकने लगते है जाम

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25 जुलाई-फरीदाबाद | नगर निगम के अधिकारियों द्वारा सरकारी जगह पर शराब पीने के मामले थमने में नहीं आ रहे हैं। इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें नगर निगम के अधिकारी निगम सभागार की पार्किंग परिसर में खड़ी बड़ी गाड़ी में जाम छलका ने में लगे हुए हैं। मीडिया कर्मी जब वहां पर पहुंचे तो अपनी जान बचाने के लिए निगम अधिकारी वहां से भाग खड़े हुए। यह सभी वही अधिकारी है जो करीब 4 साल पहले निगम दफ्तर में स्थित निगम के बड़े अधिकारी के कायल में जाम चलाने लगे हुए और जिन्हें निलंबित कर दिया था। लंबे समय तक यह सभी अधिकारी निलंबित रहे थे। लेकिन फिर से यह अधिकारी नहीं माने और इन्होंने जगह बदल कर जाम छलकाने शुरू कर दिए।

गौरतलब है कि, निगम के अधिकारी शाम करीब 7 बजे गाड़ी में बैठकर शराब पी रहे थे। जब मीडिया के लोग यहां पहुंचे तो वे  गाड़ियों को तेज गति से भगाकर वहां से फरार हो गए। नियमों की बात करें तो सरकारी जमीन पर इस तरह से शराब पीना गैरकानूनी है, लेकिन जब कानून बनाने वाले यह है तो इन्हें फिर भला कौन रोके। पुलिस भी इन अधिकारियों की निगरानी कर रही थी क्योंकि पुलिस के पास यह सूचना थी कि सरकारी जगह पर निगम के अधिकारी बैठकर शराब पीते हैं। सरकारी जगह पर शराब पीने वालों में विशाल कौशिक, लोकेश उसका भाई कुश, सौरभ, भरत कौशिक, अमित भटनागर, लोकेश को सहित कई अधिकारी व कर्मचारी शामिल है। करीब 4 साल पहले  रात के 10 बजे जब  नगर निगम  कार्यालय के अधीक्षण अभियंता के कमरेेे में जाम छलका ते दिखाई दिए थे तब इन सभी अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित कर नगर निगम कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए थे। तत्कालीन नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सतवीर सिंह मान ने पूरे मामले की जांच की थी।

इन अधिकारियों में सबसे बड़ा नाम विशाल कौशिक का है जिस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगातार लगते रहे हैं, लेकिन  कार्रवाई आज तक भी नहीं हुई प्रत्यक्षदर्शी की माने तो शाम के समय वे यह पता करने गए थे कि नगर निगम सभागार की बुकिंग कितने रुपए में होती है और उसे कौन करता है तो उसने देखा कि तीन चार गाड़ी तेज गति से बाहर की ओर भाग रही थी। बाद में पता चला कि इन गाड़ियों में अधिकारी व कर्मचारी थे जो शराब पीते पाए गए और मीडिया के आते ही वहां से भाग रहे थे।

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