नॉन फाइनल ईयर के छात्रों की तर्ज पर फाइनल ईयर के छात्रों को भी प्रोमोट करे खट्टर सरकार: कृष्ण अत्री

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14 जून- फरीदाबाद। आज एनएसयूआई हरियाणा के प्रदेश महासचिव कृष्ण अत्री ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को पत्र लिखकर नॉन फाइनल ईयर के छात्रों की तर्ज पर फाइनल ईयर के छात्रों को भी बिना परीक्षा लिए 10 प्रतिशत ग्रेस अंको के साथ डिग्री देने का अनुरोध किया है।
एनएसयूआई हरियाणा के प्रदेश महासचिव कृष्ण अत्री ने बताया कि कोविड-19 के चलते हुए कक्षाएं नही लग पाई थी, जिसको लेकर हरियाणा एनएसयूआई ने छात्रों को बिना परीक्षा लिए अगली कक्षा में प्रोमोट करने की मांग की थी। हरियाणा एनएसयूआई की मांग पर सभी नॉन फाइनल ईयर के छात्रों को प्रोमोट करने का फैसला भी लिया गया है जिसका हम खुले दिल से स्वागत करते है। लेकिन इसमें हरियाणा में रहने वाले फाइनल ईयर के छात्रों को वंचित रखा गया। यहाँ तक की जो छात्र हरियाणा के बाहर के है उन्हें तो बिना परीक्षा लिए अगली कक्षा में प्रोमोट करने का फैसला लिया गया है।
कृष्ण अत्री ने कहा कि अभी भी हरियाणा में कोरोना महामारी ने भयंकर रूप ले रखा है और अगर ऐसे में हरियाणा के फाइनल ईयर के छात्रों को परीक्षा के लिए बुलाया जाता है तो उनमे कोरोना फैलने का डर है। यहाँ तक की ट्रांसपोर्टेशन एवं छात्रों के लिए हॉस्टल में रहने की भी व्यवस्था नही है। ऐसे में जो छात्र हरियाणा के एक जिले से दूसरे जिलों में जायेंगे उनको खासी परेशानी उठानी पड़ेगी। और जब हरियाणा के बाहर रहने वाले फाइनल ईयर के छात्रों को जनरल प्रोमोशन दिया जा सकता है तो फिर हरियाणा प्रदेश के छात्रों के साथ क्यों भेदभाव किया जा रहा है। छात्र तो छात्र है चाहे हरियाणा के हो या फिर हरियाणा से बाहर के हो।
इसलिए एनएसयूआई हरियाणा की मांग है कि सभी यूनिवर्सिटियों में पढ़ने वाले फाइनल ईयर के छात्रों को बिना परीक्षा लिए 10 प्रतिशत ग्रेस अंक देकर डिग्री दे देनी चाहिए। अगर ऐसा नही किया जाता है तो एनएसयूआई फाइनल ईयर के छात्रों के लिए संघर्ष जारी रखेगी लेकिन हरहाल में छात्रों को बिना परीक्षा लिए डिग्री दिलवाकर रहेगी। चाहे इसके लिए न्यायालय का दरवाजा ही क्यों ना खटखटाना पड़े।

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