सरकारी आदेशों की अवहेलना, JC Bose यूनिवर्सिटी नहीं कर रही परीक्षाएं रद्द

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25 जून-फरीदाबाद | हरियाणा सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वह सभी छात्रों को बिना परीक्षा के उत्तीर्ण कर दें, राज्य के सभी संस्थान इस पर अमल भी कर चुके हैं। लेकिन जेसी बोस ने परीक्षा रदद् नहीं की है और ऑनलाइन परीक्षा लेने की कवायद चल रही है। यह विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों के लिए एक गंभीर मुद्दा है क्योंकि यह बिना पूछे और यहां तक ​​कि छात्रों की परीक्षा और इससे जुड़ी समस्याओं पर विचार किए बिना ही निर्णय ले रहा है। शुरू से ही विश्वविद्यालय छात्रों के सामने आने वाले मुद्दों की टालता रहा है। ऑनलाइन परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों को शांत रखने की कोशिश की जा रही है और इस निर्णय को मानने का दवाब बनाया जा रहा है।

सरकारों के नोटिस के बाद भी कि अंतिम वर्ष को 50% आंतरिक अंकों और 50% पिछले सेमेस्टर स्कीम के आधार पर पदोन्नत किया जाना चाहिए। सम्मानित जेसी बोस विश्वविद्यालय जबरदस्ती उन सभी तरीकों से छात्रों को परेशान करके परीक्षा आयोजित करने की कोशिश कर रहा है। हमें DSW द्वारा बताया गया था कि यदि हम परीक्षा नहीं देते हैं, तो हमारी डिग्री में COVID प्रभावित डिग्री का अंकन होगा। जब इस योजना ने काम नहीं किया तो उन्होंने भावनात्मक रूप से भी प्रयास किया लेकिन कोई भी छात्रों की समस्याओं को समझने की कोशिश नहीं कर रहा है। कुछ छात्र परीक्षा देने के लिए सही मानसिकता में नहीं हैं क्योंकि कुछ छात्रों के परिवार के सदस्य कोरोना वायरस से पीड़ित हैं और अस्पताल में भर्ती हैं।

हम आपसे अनुरोध करते हैं कि मामले को देखें और 50-50% योजना का पालन करने के लिए सीएम के आदेश का पालन करने के लिए हर संभव प्रयास करें। बार बार परीक्षा होने या ना होने के जद्दोजहद में सभी छात्र काफी परेशान हो चुके हैं, सब विद्यार्थी असमंजस में हैं कि परीक्षा होगी या नहीं, जिस कारण मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन एक थर्ड पार्टी प्लेटफार्म पर करवाया जा रहा है, जिसके नियम और शर्ते पहले सही से नही बताई गई, अब उसके आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस तकनीक से फ़ोन से परीक्षा देने वालों को काफी दिक्कत आने वाली है, लैपटॉप सभी विद्यार्थियों के पास है नहीं है और जो शर्ते फ़ोन को परीक्षा के दौरान चलाने के लिए रखी गयी है उसमें टेस्ट फ्रीज यानि कि चीटिंग का केस बनना तय है, या किसी और तकनीकी खामी के कारण फ़ोन में यह असुविधा होना तय है, इस बात का कोई निवारण नही हुआ है अबतक और इसके बाद भी परीक्षा को करवाने की जबर्दस्ती जारी है।

इन सभी मुद्दों को ध्यान रखकर जेसी बोस वाईएमसीए के छात्रों को भी बाकी देश-प्रदेश के छात्रों की तरह उत्तीर्ण किया जाये तो यह छात्रों के हितों के लिए एक अच्छा कदम होगा।

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