युवाओं के हित में अगर लॉकडाऊन तोड़कर भी प्रदर्शन करना पड़ा तो पीछे नही हटेंगे NSUI कार्यकर्ता: विकास फागना

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19 मई- फरीदाबाद। प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा आए दिन कोई न कोई युवा विरोधी नीति को लागू कर लाखो छात्रों-युवाओ के भविष्य से खिलवाड़ किया जाता है, यह कहना एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष विकास फागना का है जिन्होंने प्रदेश की मनोहर-दुष्यंत सरकार पर आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार द्वारा युवाओ के भविष्य को अंधकार में डाला जा रहा है व उनकी कई सालों की मेहनत पर पानी फेरा जा रहा है।
विकास फागना का कहना है कि दिन रात मेहनत कर, दूसरे प्रदेशों में जा कई सालों से कोचिंग लेकर तैयारी कर रहे गरीब परिवारों के बच्चों की भावनाओ के साथ खिलवाड़ हो रहा है। सैकड़ों किलोमीटर दूर बसों में लटक कर गए व साढ़े 5 सालों से नियुक्तियों व रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे युवाओं के लिए यह फैसला किसी भद्दे मजाक से कम नहीं होगा। 

विकास फागना का कहना है कि प्रदेश सरकार नौकरियों के नतीजे लटकानेे देने में असक्षमता का परिचय दे रही है जोकि बेहद निंदनीय है। दरअसल, 2015 में प्रदेश सरकार द्वारा एक्साइज इंस्पेक्टर, टेक्सेशन इंस्पेक्टर, सोशल एजुकेशन व पंचायत अफसर, फूड व सप्लाई इंसेक्टर, स्टेशन सुपरवाइजर, क्लर्क जिला सैनिक बोर्ड, जूनियर कोच साइक्लिंग व फोरेस्टर समेत रिक्त पदों की भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली गयी थी जिनकी 2017,18 व 2019 में लिखित परीक्षाएं व इंटरव्यू तक हो चुकी है।
परन्तु अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा विभिन्न कोर्ट केस व एक अमान्य कारण कि इंटरव्यू की जगह सोशयो इकॉनमिक के अंक जुड़ते है का हवाला देकर भर्तियां कैंसल करने की कवायद शुरू कर दी है उनका कहना है कि यह बिल्कुल अमान्य कारण है क्योंकि नया क्राइटेरिया लागू हुआ 2017 में जबकि यह भर्तियां 2015 में अनाउंस हो चुकी थी व प्रक्रिया 2017 से पहले ही शुरू हो गई थी। जिस क्राइटेरिया का बहाना देकर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग इन भर्तियों को साजिश के तौर पर कैंसिल करना चाहता है।
उसमें रोचक बात यह है कि उनमे से कई भर्तियां जिनका क्राइटेरिया 2017 के बाद बदला गया है, वे पूरी भी हो चुकी हैं व इनकी जोइनिंग भी हो चुकी है फिर इन भर्तियों में ऐसे अवैध कारणों का हवाला देकर कैंसिल क्यों करना चाहती है सरकार?
 फागना का कहना है कि यह एक साजिश के तहत युवाओ के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है जोकि असहनीय है इसलिए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमेन को पत्र लिखकर मांग की है कि युवाओ व छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न किया जाए और इसके साथ ही हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग व हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन तथा सभी विभागों में जो नौकरियां एडवरटाईज़ की गई हैं या फिर जिनके परीक्षा परिणाम व इंटरव्यू लंबित हैं।
सभी का नतीजा जल्दी से जल्दी निकाला जाए अन्यथा यदि लोकडाउन में सड़को पर उतरकर प्रदर्शन भी करना पड़ा तो एनएसयूआई पीछे नही हटेगी।

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