2500 किसानों की फसलों का भुगतान न होने पर किसान लगा रहे हैं एजैंसियों के चक्कर

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13 मई- हथीन/माथुर। हथीन अनाज मंडी में 2500 किसानों ने अपनी गेहूं की फसल तो बेच दी, अब भुगतान पाने के लिए आढतियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। आढतियों ने अपने स्तर पर किसानों को आरटीजीएस के माध्यम से कुछ किसानों का भुगतान भी किया है। परंतु अब आढतियों के पास भी नकदी नही रह गई है। इस कारण किसानों को भटकना पड रहा है। आढती यूनियन के प्रधान रविन कुमार ने बताया कि खरीद एजेंसी वेयर हाउस निगम ने 21 अप्रैल तक और हैफेड ने 23 अप्रैल तक खरीदे गए गेहूं का ही भुगतान किया है।

जबकि खरीद ही 20 अप्रैल से हुई थी। अब तक किसानों का 40 करोड रुपया खरीद एजेंसियों के पास अटका पडा है। अनाज मंडी में खरीदे गए गेहूं की उठान की समस्या अभी भी बनी हुई है। जिला प्रशासन ने गेहूं उठाने का ठेका जिस फर्म को दिया हुआ है, वह आज तक एक भी वाहन उठान के लिए उपलब्ध नहीं करा पाई है। मंडी में अव्यवस्था न फैले इसलिए अब आढती ही अपने-अपने वाहनों से खरीदे गए गेहूं को मांदकौला स्थित स्थित भारतीय खाद्य निगम के स्टोर तक पहुंचा रहे हैं।

उठान के ठेकेदार की लापरवाही की शिकायत स्थानीय एसडीएम वकील अहमद, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राम अवतार, हैफेड के डीएम सुरेश कुमार को कर चुके हैं। परन्तु आज तक उसे ब्लैक लिस्ट नही किया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए आढती यूनियन के प्रधान रविन कुमार ने बताया कि उक्त ठेकेदार फर्म से आढती परेशान हैं। छह बार स्मरण पत्र लिख चुके हैं।

किसान जनहित समिति के जिला प्रधान अमरू पहलवान ने बताया कि मार्किट कमेटी के पोर्टल में भी तकनीकी खराबी है। जिसे दुरुस्त नहीं किया गया है। इस बारे में हथीन के एसडीएम वकील अहमद ने बताया कि भुगतान सहित सभी समस्याओं के निवारण के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। जिला उपायुक्त को भी सूचित किया गया है।

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