डॉक्टरों और नर्सेज के साथ अश्लील हरकतें करने वाले तबलीगी जमातियों के खिलाफ सीएम योगी ने सख्त कार्यवाही के दिये आदेश

0
48

03 अप्रैल-गाज़ियाबाद | जीटी रोड स्थित जिला एमएमजी अस्पताल में बीती रात छह जमातियों द्वारा नर्सों और अन्य स्टाफ के साथ अश्लील व अभद्र व्यवहार करने के मामले में पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन जमातियों पर प्रथम दृष्टया आरोप सही जाने पर एनएसए लगाए जाने के निर्देश  दिए हैं।

इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश शासन भी हरकत में आ गया है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को मेल भेजकर साफ कर दिया है कि यदि इस मामले में आरोपी पुलिस जांच में दोषी पाये जाते हैं, तो इनके खिलाफ आईपीसी की सुसंगत धाराओं के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम में निरूद्व करने की कार्रवाई की जाये।

इस घटना के बाद सरकारी अस्पताल के तमाम चिकित्सकों और सहायक स्टाफ में डर और खौफ का माहौल बना हुआ है।
खास बात यह है कि अस्पताल में स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले छह जमातियों में से शुक्रवार को एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। इस जमाती को एमएमजी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। अन्य पांच जमातियों की रिपोर्ट नेगटिव मिली है।

इन पांच जमातियों को मेरठ दिल्ली रोड स्थित राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट  में क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने शुक्रवार को बताया कि  सभी छह जमातियों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आ गयी है, जिसमें एक का टेस्ट पॉजिटिव आया है।

आपको बता दें कि जिला एमएमजी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती  संभावित कोरोनावायरस के छह जमातियों पर स्टॉफ के साथ बदसलूकी व अश्लील इशारे करने का आरोप लगा था।

इस संबंध में स्टॉफ द्वारा लिखित शिकायत के बाद अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रविन्द्र राणा ने जमातियों के खिलाफ गुरुवार की देर रात को कोतवाली घंटाघर में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि इस मामले की विवेचना शुरू हो गयी है। आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा।

उन्होंने बताया कि दर्ज करायी गयी रिपोर्ट में साफ आरोप लगाया गया है कि जमाती बिना पेंट के नंगे घूम रहे थे और वार्ड में गंदे अश्लील गाने सुन रहे हैं।

यही नहीं, आइसोलेशन में रखे गए जमाती गुप्तांगों पर हाथ लगाकर नर्सों को गंदे-गंदे इशारे कर रहे थे। डॉक्टरों व नर्सों से बीड़ी व सिगरेट मांगी जा रही थी। ऐसी स्थिति में नर्सों के लिए काम करना संभव नहीं हो पा रहा था।

अस्पताल परिसर में काम करने वाले सेवादारो का कहना है कि यदि शोर-शराबा सुनकर अस्पताल का स्टाफ मौके पर एकत्र नहीं होता, तो आरोपी किसी भी अनहोनी घटना को अंजाम दे सकते थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here