”मेरी फसल-मेरा ब्यौरा” पंजीकरण कराने वाले किसानों को मिलेगा अनेक योजनाओं का लाभ

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28 फरवरी- हथीन (माथुर)। उपायुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा किसानों के उत्पाद को एम.एस.पी. पर खरीदने हेतू एक महत्वकांक्षी योजना मेरी फसल मेरा ब्यौरा चलाई जा रही है, जिसके तहत किसानों का पंजीकरण “डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एफएएसएएलएचआरवाई.आईएन” पर कार्यालय जिला विपणन प्रतवर्ण, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड पलवल के माध्यम से किया जा रहा है तथा किसान कामन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी अपना पंजीकरण करवाकर अपने उत्पाद हरियाणा सरकार के दिशा-निर्देशानुसार एम.एस.पी. पर बेचने के लिए सक्षम होगें। उपायुक्त ने बताया कि इस स्कीम के तहत किसान को कृषि विभाग व अन्य संबंधित विभागों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। फसल बिजाई व कटाई के दौरान होने वाली विपदा के समय पंजीकृत किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अथवा स्पेशल गिरदावरी के समय फसल पर दिए जाने वाले अपने मुआवजे प्राप्त कर सकेगे।

मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत पंजीकृत किसान अपनी फसल मंडी में सरकारी रेट पर बिक्री कर सकेगे व हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के माध्यम से दी जाने वाली कृषक उपहार योजना के तहत टै्रक्टर-ट्राली, कृषि यंत्र, साइकिल व अन्य उपहारों का लाभ लेने के हकदार होगे। इसी प्रकार मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहार मजदूर योजना के तहत किसान के साथ होने वाली आकस्मिक घटनाएं जैसे सांप काटना, आसमानी बिजली से दुर्घटना, कुए की जहरीली गैस से दुर्घटना, कृषि कार्य करते समय अंग-भंग, मृत्यु होने की स्थिति में मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत पंजीकृत किसान इस मुआवजा राशि के अनुदान को लेने के लिए पात्र होंगे। इसी तरह किसान स मान निधि योजना के तहत किसानों को मिलने वाले 6 हजार रुपये राशि का लाभ भी मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकृत किसानों को दिया जाएगा।

मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत पंजीकृत किसान बागवानी विभाग द्वारा चलाई जा रही भावंतर भरपाई योजना का भी लाभ लेने हेतू अधिकृत होंगे। नरवाल ने बताया कि इस योजना के तहत किसान उनके द्वारा उगाई जा रही गेंहू, सरसो, गन्ना, जई (चारे वाली फसलें), जौ सब्जियां व फल इत्यादि का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर करवा सकते है। पंजीकृत किसान द्वारा अपने उत्पाद को सरकारी मंडी में बेचने के उपरांत मिलने वाली राशि सीधे ही उनके बैंक खाते में जाने का प्रावधान है। जिला पलवल में विभिन्न फसलों के अधीन एक लाख छ: हजार हैक्टेयर एरिया आता है और जिले मे लगभग 70 हजार किसान कृषि संबंधित कार्य करते है, जिसमें से 27 फरवरी 2020 तक केवल 21 हजार 675 किसानों ने ही मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर अपना पंजीकरण कराया है, जिसके तहत जिले का केवल लगभग 36 हजार हैक्टेयर एरिया ही मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत पंजीकृत हुआ है। उपायुक्त ने किसानों से आवान किया है कि प्रत्येक किसान मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं

ताकि सरकार की विभिन्न योजनाओं व फसलों को
बेचने का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिक से अधिक पंजीकरण कराने हेतू सभी विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियो, कलस्टर इंचार्ज व सुपरवाईजिंग अधिकारियों की डयूटी लगाई हुई है, जोकि गांव-गांव जाकर किसानों को अपना पंजीकरण करवाने के लिए जागरुक कर रहे है। गांव में कार्यरत सी.एस.सी., एग्रीकल्चर मार्किटिंग बोर्ड के कार्यालय के माध्यम से भी किसानो का पंजीकरण कराया जा रहा है। हरियाणा
सरकार द्वारा किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर अपना पंजीकरण करवाने हेतू अंतिम तिथि 5 मार्च 2020 निर्धारित की गई है। इसके लिए हरियाणा सरकार द्वारा प्रत्येक किसान को 10 से 50 रुपये का भुगतान सीधे ही उनके खाते में किया जाएगा। उपायुक्त ने जिले के सभी किसानों से पुन: आवाहन किया है कि वे अपनी फसल को बेचनेे के समय होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए उनके द्वारा उगाई जा रही फसलों का ब्यौरा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकरण दर्ज करवाकर विभिन्न विभागों द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएं। किसान अपने पंजीकरण हेतू अपने साथ मोबाईल नंबर, आधार कार्ड, जमाबंदी व बैंक की पासबुक की फोटोप्रति लेकर अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सी.एस.सी.) व एग्रीकल्चर मार्किटिंग बोर्ड के कार्यालय में संपर्क कर सकते है।

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