हरियाणा की शान, सूरजकुंड मेले में हुक्का बना आर्कषण व सेल्फी का केंद्र

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10 फरवरी-फरीदाबाद। 34वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में सोमवार को पर्यटकों का तांता लगा रहा। हरियाणा की आन बान और शान का दर्शाती स्टाल अपना घर पर्यटकों के लिए आर्कषण केंद्र बन चुकी है। पर्यटक खुद को अपना घर में जाने से नहीं रोक पाते। अपना घर स्टाल में पर्यटकों को हरियाणा की प्राचीन संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलता है। इसके अलावा पर्यटकों को खेत जोतने की औजार जैसे हल, जूआ, सांटा, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले चाक सहित अनेक ऐसी चीजों से रूबरू होने का मौका मिल रहा है जो अभी लुप्तप्राय है।

हरियाणा में पंचायत व चौपाल की शान तथा सच्चाई के प्रतीक माने जाने वाले आदमकद हुक्के के देखने के लिए देसी विदेशी पर्यटकों में खासा उत्साह नजर आ रहाहै। इस हुक्के कोपर्यटक न केवल निहार रहे हैं,बल्कि दिनभर सेल्फी लेकर अपनी यादों में सहेज कर रख रहेहैं। स्टाल के मुखिया व धरोहर के निदेशक डा. महासिंह पुनिया ने हुक्के के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि एक समयथा जब पंचायतों में हुक्के की शपथलेकर बड़े बड़े फैसले एक पल में निपटा दिए जाते थे। हुक्के को हरियाणवी संस्कृति में भाईचारे का प्रतीक भी माना गया है। उन्होंनेबताया कि आज भी गांवों में जब बैठकों का दौर चलता है तो वहां हुक्के की मौजूदगी लाजमी है।बैठकों में हुक्का पीते हुए बड़े बुजुर्गों से युवा उनके अनुभव से रूबरू होते हुए राजनैतिक गलियारों तक की चर्चाएं करते हैं।

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