गेंहू के लिए वरदान साबित होगी ठंड, कोहरा बढने से लग सकता है सरसों में चैंपा

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29 दिसंबर-हथीन, (माथुर) | पड रही कडाके की ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी। दूसरी तरफ अगर कोहरा लगातार पडता रहा तो सरसों की फसल में चैंपा लग सकता है। इस कडाके की सर्दी में एक तरफ जहां किसान गेहूं की फसल के लिए खुश नजर आ रहे हैं तो दूसरी तरफ वहीं कोहरा को देख सरसों उत्पादक किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी पडने लगी हैं। सरसों उत्पादक किसानों रमेश, चन्द्र सिंह, देवी राम, सरफुद्दीन, रहमान, मकसूद आदि ने बताया कि यदि कोहरा लगतार जारी रहा तो सरसों की फसल में चैंपा लगने का भय है। हालांकि अभी इतना कोहरा नहीं पडा है और सरसों की फसल में फूल भी अच्छे खिल रहे हैं। यदि मौसम ठीक रहा तो सरसों की अच्छी पैदावार हो सकती है। और यदि कोहरा लगातार पडता रहा तो चैंपा लग सकता है। हां गेहूं के लिए बढती ठंड लाभदायक सिद्ध अवश्य होगी और गेहूं की अच्छी पैदावार होगी।

पाले से फसलों से ऐसे करे बचाव


पाले का हानिकारक प्रभाव अगेती सरसों, आलू, फलों व सब्जियों की नर्सरी तथा छोटे फलदार पौधों पर पड सकता है। इससे बचाव के लिए किसान यदि पानी उपलब्ध हो तो सब्जियों व फलदार पौधो में सिंचाई करें ताकि जमीन का तापमान बढ़ सके। किसान खेत के किनारे पर तथा 15 से 20 फीट की दूरी के अंतराल पर जिस और से हवा आ रही है रात्रि के समय कूडा कचरा सूखी घास आदि एकत्रित कर धुआं करना चाहिए ताकि वातावरण का तापमान बढ सके, जिससे पाले का हानिकारक प्रभाव न पढे। सीमित क्षेत्र में लगी हुई फल व सब्जियों की नर्सरी को टाट, पॉलीथिन व भूसे से ढकें। इन उपायों से फसलों, सब्जियों व फलदार पौधों को पाले से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।

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