फरीदाबाद के बाहुबली ने बदल दी लोकसभा की राजनीतिक तस्वीर, देखते रह गए मंत्री-विधायक

राजनीत में घमासान मचा दिया गुरु

0
1710
न्यूज़ एनसीआर, (प्रताप चौधरी) 02 अक्टूबर-फरीदाबाद | भाजपा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में 78 उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है, लेकिन अभी भी 12 सीटों की घोषणा बाकी है। इस बार भाजपा को अपने ही मंत्रियों की खासी नाराज़गी झेलनी पड़ रही है। अगर बात करें फरीदाबाद लोकसभा की तो यहाँ भी भाजपा आलाकमान ने अपने बड़े नेताओं को नाराज़ कर दिया है।
  •  फरीदाबाद शहर से मंत्री विपुल गोयल की टिकट काटकर उनके ही साथी नरेंद्र गुप्ता को टिकट देना किसी के भी गले नहीं उतर रहा है।
  • पृथला विधानसभा से जनता के चहिते और भाजपा के अंधभक्त नयनपाल रावत की टिकट काटकर जिला महामंत्री सोहनपाल को देना जनता के अचंभित कर दिया। वहीं नयनपाल रावत निर्दलीय ही चुनावी मैदान में उतर गए हैं, और जनता से खूब सहानभूति जुटा रहे हैं। सुना है वह जनता से कह रहे है, की मैं आपका हूँ अबकी बार मुझे बचा लो। अब देखना ये है कि जनता किस बेटे को गले लगाती है।
इसी विधानसभा में एक और बड़े नेता और निवर्तमान विधायक टेकचंद शर्मा की तो लगता है आवाज़ ही बंद हो गयी है, वो बेचारे तो कुछ कर ही नहीं पा रहे। बाहुबली ने सबको झटपटा दिया है गुरु।
ओह हो यहां से तो एक और सेवादार हैं भाजपा के पूर्व चेयरमैन सुरेंद्र तेवतिया जी, भाई हुआ तो इनके साथ भी गलत है, बेचारे ने मेहनत और रुपइया खर्च करने में कोई कसर तो नहीं छोड़ी, लेकिन भइया लोकसभा के बाहुबली और प्रदेश के राजा ने इन्हें कहीं का नहीं छोड़ा
  •  बल्लभगढ़ सीट भी काफी पेचीदा रही, जन आशीर्वाद रैली में पूर्व संसदीय सचिव शारदा राठौड़ ने टिकट के लालच में भाजपा का दामन थामा लेकिन बावजूद इसके भाजपा ने सिटिंग विधायक मूलचंद शर्मा को फिर से टिकट देकर श्रीमती राठौड़ को लॉलीपॉप थमा दिया।
  • वहीं मेवात से मंत्री रहीशा खान की टिकट काट दी गयी।
  • हथीन से सिटिंग विधायक केहरसिंह रावत की जगह प्रवीण डागर को टिकट दे दी गयी।
  • पलवल की सीट पर अभी संशय चल रहा है।
अब बात करते है सबसे हॉट सीट फरीदाबाद शहर 89 विधानसभा की, तो यहां से टिकट मांग रहे मंत्री विपुल को इस बात का अंदाज़ा भी नहीं था कि उनकी टिकट काटकर उनके ही घनिष्ठ मित्र जिनको मंत्री जी हर जगह साथ लेजाकर शीर्ष नेताओं से मिलाते थे उसको ही टिकट मिल जाएगी। लेकिन ये राजनीति है मेरे दोस्त, कब किसको उठा दे कब गिरा दे कुछ नहीं कह सकते। वहीं जनता जनार्दन के नजरिए से वर्तमान हालात को देखें तो टिकट के बाद से ही कार्यकर्ता और समर्थकों में विद्रोह की भावना पैदा हो रही है। यहां तक कि कुछ महिला समर्थक भूख हड़ताल पर बैठ गईं हैं।
विपुल गोयल का अगला कदम क्या होगा ?

सूत्रों से पता चल रहा है कि, विपुल गोयल और उनके समर्थकों की नाराजगी देखते हुए माना जा रहा है कि, शीर्ष पैनल उन्हें पलवल सीट जिसकी अभी तक घोषणा नहीं हुई है, वहां से दीपक मंगला की टिकट काट कर विपुल गोयल को मिल सकती है। लेकिन कहा ये भी जा रहा है कि, दीपक मंगला भी पलवल सीट पर कुंडली मार कर बैठे हैं।
दूसरा सूत्र ये है कि, कांग्रेस विपुल गोयल को फरीदाबाद शहर से चुनाव लड़ने का ऑफर दे रही है या दे सकती है…ये तो अभी भविष्य के गर्भ में है। यदि ऐसा होता है तो समीकरण ये कहते हैं कि, कांग्रेस के मौजूद कद्दावर नेता लखन सिंगला को बल्लभगढ़ से चुनावी मैदान में उतार सकते हैं। अब रही बात शारदा राठौड़ की तो उनका क्या होगा जनाब-ए-आली ।

लेकिन एक बात तो जरूर है, की विपुल गोयल भी शांत बैठने वालों में से नहीं है, कुछ न कुछ तो जरूर करेंगे और करना भी चाहिए भाई जनता के प्रिय नेता जो हैं।

इस पूरे समीकरण का निष्कर्ष ये निकलता है कि, फरीदाबाद लोकसभा का बाहुबली एक ही है और वो हैं बड़े मंत्री जी, समझ तो आप गए ही होंगे।
अब हों भी क्यों न बाहुबली, भैया जिसने बनाया वो गिराना भी जनता है, और जब खुद के बेटे को टिकट नहीं मिलेगी तो गुस्सा तो आएगा ही ना, क्यों कुछ गलत कहा क्या ?
नटखट कृष्ण जी की तरह सबको अपनी बांसुरी की धुन पर नचा रहे हैं। इसलिए भईया बाहुबली से पंगा लेना तो महंगा पड़ेगा ही ना।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here