माल के चक्कर में रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर करना भी भूल जाते हैं फरीदाबाद के भ्रष्ट तहसीलदार : पाराशर

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न्यूज़ एनसीआर, (शारा गर्ग) 6 जुलाई – फरीदाबाद | शहर के कई विभागों के अधिकारी फरीदाबाद को बेच कर अपनी जेब भर रहे हैं, इन अधिकारियों के कारण फरीदाबाद खोखला होता जा रहा है। सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार तहसील और नगर निगम में हैं। इन विभागों के कारण फरीदाबाद पिछड़ता जा रहा है क्यूंकि ये भ्रष्टाचारी सीधा सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं। ये कहना है बार एसोशिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एलएन पाराशर का जिन्होंने तहसील में चल रहे भ्रष्टाचार के बारे में एक और खुलासा किया है। पाराशर ने कहा कि अभी तक मैंने एक – एक स्टाम्प नंबर पर दो – दो रजिस्ट्री और 50 रूपये के स्टाम्प को खरीदकर 3 लाख 50 हजार रुपए का बनाने का खुलासा किया था लेकिन अब एक चौंकाने वाला खुलासा ये है कि बिना तहसीलदार के हस्ताक्षर के भी रजिस्ट्री हुई है।

पाराशर ने कहा कि 22 सितंबर 2015 को एक रजिस्ट्री सच्चिदानंद निवासी फरीदाबाद ने करवाई थी जिसका स्टाम्प नंबर GSR/00211877644 था जिस पर तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं हैं जबकि रजिस्ट्री हो चुकी है। पाराशर ने बताया कि स्टाम्प नंबर GSR/00211877644 का 21 फरवरी 2017 का प्रयोग रानी ने किया था और रजिस्ट्री करवानी चाही लेकिन 5 सितम्बर 2017 को इस लिए कैंसिल कर दिया क्यूंकि उस नंबर के स्टाम्प से लगभग दो साल पहले रजिस्ट्री हो चुकी थी, पाराशर ने कहा कि 2015 में जो रजिस्ट्री हुई थी उस पर तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं हैं और ये एक बहुत बड़ा घोटाला है।

पाराशर ने कहा कि फरीदाबाद के तहसीलदारों का यह खेल कई वर्ष से जारी है और कहा कि हरियाणा सरकार भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा करती है लेकिन कुछ अधिकारियों के कारनामों को देख कर लगता है कि भ्रष्टाचार और बढ़ गया है। पाराशर ने कहा कि हाल ही में मैंने जिन तहसीलदारों पर एफआईआर दर्ज करवाई थी उन्हें सरकार अविलम्ब सस्पेंड कर उन पर कार्यवाही करे तभी भ्रष्टाचार में कमी आएगी।

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