हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों ने मिलझुल कर मनाया ईंद का त्योहार

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न्यूज़ एनसीआर, (मनीष आहूजा) 05 जून-पुन्हाना | रमजान का पूरा महीना रोजा रखने के बाद आज मुसलमानों ने ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। पुन्हाना की ईदगाह व मरकज में दुकाना यानी ईद कि नमाज पढ़ लोगों ने प्रदेश व देश में अमन-शांति व भाईचारे की दुआ की। इस मौके पर बच्चे- बुढ़े युवा सहित सभी ने नए-नए कपडे पहने और गले मिलकर ईद की एक दूसरे को मुबारकबाद दी। ईंद के पर्व का मां का आर्शीवाद लेकर ईंद मनाते हुए विधायक रहीसा  खान और उनके पुत्र सकीम रहीसा खान ने धूमधाम से ईद पर्व मनाया। ईद की नमाज अता करने के बाद सभी मुस्लिम भाइयों ने एक-दूसरे के गले लग ईद की बधाई दी।

सकीम रहीसा खान ने बताया कि ईद का दिन उनके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण व पावन दिन होता है। जब वह एक माह रोजा रखने के बाद ईद के दिन नमाज अता करने को एकत्रित होते हैं। उन्होंनें कहा कि आज सभी मुस्लिम भाईयों ने नमाज अता करने के बाद एक दूसरे को गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। विधायक रहीसा खान ने पुन्हाना विधान सभा क्षेत्र में मुस्लिम भाइयों और बहनों को ईद मुबारक. रमज़ान के महीने के समापन का यह त्योहार भाईचारे की भावना में हमारे विश्वास को मजबूत बनाता है. यह शुभ दिन हम सब के परिवारों में खुशियां, शांति और समृद्धि लाए। लोगों ने इस खुशी के मौके पर पुराने गिले-सिकवे दूर कर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।

विधायक रहीशा खान, पूर्व नगरपालिका चैयरमेन समरुद्दीन व भुरू सरपंच, समीम पार्षद, सहित गणमान्य लोगों ने भी ईंद पर भाईचारे की दुआ मांगते हुए लोगों को ईद की मुबारकबाद दी। उन्होंने बताया कि ईद का त्योहार खुशियों का त्योहार होता है जिसमें पुराने गिले सिकवे दूर कर एक दूसरे को गले से लगाते हैं तथा एक माह तक रमजान माह के रोजे रखने के बाद जो खुशी होती है वह देखने लायक होती है। इस दिन हर आदमी के चेहरे पर एक अलग खुशी की चमक होती है।

बता दें कि इस्लाम धर्म में रमजान माह में रखे जाने रोजों की बडी अहमियत है। इस्लाम धर्म को मानने वाले मुसलमान रमजान माह में एक माह के रोजे रखते हैं। चांद नजर आने के बाद दूसरे दिन ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लाय से मनाया जाता है। इस दिन सभी लोग नए-नए कपडे पहनते हैं और गांव से दूर बनी ईदगाह में ईद की नमाज पढ़ते हैं। इस दिन लोग अपने पुराने झगडे व विवाद को भुलाकर एक-दुसरे के गले मिलकर ईद की खुशी बांटते हैं। मुस्लिम बहुल इलाका-ए-मेवात में ईद की खुशी में सभी हिंदु-मुस्लिम शरीक होते हैं। रमजान माह में लोग गरीबों की मदद करते हैं और सवाब के लिए दान, खैरात करते हैं।

 

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