पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन ने प्रदेश भर में प्रदर्शन कर जिला उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

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न्यूज़ एनसीआर, 06 मई-फरीदाबाद | सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन के राज्य कमेटी के आह्वान पर आज 6 मई को प्रदेशभर में जिला उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। इसी के चलते फरीदाबाद में पब्लिक हैल्थ के प्रधान अमन कुमार रावत की अध्यक्षता में फरीदाबाद की सिटी मजिस्ट्रेट बलीना मैडम को ज्ञापन सौंपा। आज के प्रदर्शन में मुख्य रूप से सर्व कर्मचारी संघ के मुख्य संगठन सचिव विरेन्द्र सिंह डंगवाल व मैकेनिकल वर्कर यूनियन की राज्य कमेटी के सदस्य व सर्व कर्मचारी संघ जिला पलवल के सचिव योगेश शर्मा मौजूद रहे।
विरेन्द्र सिंह डंगवाल ने बताया कि चुनाव के दौरान आचार संहिता लगी हुई है। फिर भी हरियाणा सरकार विभागों को बंद करने पर तुली हुई है। अभी 1 मई को हरियाणा सरकार ने हरियाणा के 4 शहर पानीपत, यमुनानगर, रोहतक व हिसार की जल व मल की व्यवस्था जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से लेकर नगर निगम को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि नगर निगमों के पास में कोई संसाधन नहीं है न ही जल मल की व्यवस्था को चलाने के लिए अनुभव है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जिसके पास 33 सालों का अनुभव शुद्ध पानी पिलाने का सीवर व्यवस्था संभालने का है। उससे यह स्कीम लेकर नगर निगम को देना कितना बड़ा जनता के साथ धोखा है।
संगठन ने फैसला लिया है हरियाणा सरकार के इस बेतुके फैसले के खिलाफ पूरे प्रदेश में आज 6 मई को जिला स्तर पर शहरों में विरोध प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन मुख्य सचिव के नाम भेजा जाएगा। इसमें मांग की गई कि नगर निगमों को दिए गए सभी शहरों की स्कीम वापिस जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को सौंपी जाए । इसके अलावा उन्होंने बताया कि करनाल शहर जो मुख्यमंत्री का चुनाव क्षेत्र है तथा स्मार्ट सिटी की दौड़ में है। 16 अक्टूबर 2018 से नगर निगम के अधीन है। पिछले 6 महीनों में वहां पर नगर निगम करोड़ रुपए का राजस्व जो पानी के बिलों के रूप में मिलता था, नही ले पाए। जनता को नया कनेक्शन भी उपलब्ध नहीं करा पाया नगर निगम अभी तक। पानी शुद्ध करने के लिए डोजरो तक को ठीक नही कर पाएं हैं जिसके कारण करनाल की जनता को बिना क्लोरीन युक्त पानी पीना पड़ रहा है। करनाल नगर निगम में जाने के बाद कर्मचारियों को वेतन भी 22 तारीख को मिल रहा है। जनता बिल भरने के लिए तैयार है लेकिन नगर निगम अभी तक बिल की व्यवस्था नहीं कर पाया।
नगर निगम पूर्ण रूप से जल व मल की व्यवस्था को चलाने में असफल साबित हुआ है। जल व मल की व्यवस्था को लेकर करनाल नगर निगम जब हर रोज अखबार की सुर्खियों में रहता है तो फिर यह चार शहर देने का क्या तुक है। हरियाणा सरकार इस प्रकार के जन विरोधी व कर्मचारी विरोधी फैसले वापिस ले, नही तो चुनाव में यह फैसला महंगा पड़ सकता हैं। यदि सरकार ने शीघ्र अपना फैसला वापिस नहीं लिया तो संगठन 18 मई को होने वाली राज्य कार्यकारिणी की मीटिंग में लम्बा आंदोलन करने का फैसला लेने पर मजबूर होगी। आज के प्रदर्शन का संचालन जिला सचिव गांधी सहरावत ने किया व बी एण्ड आर के प्रधान कप्पी, पब्लिक हैल्थ के सचिव अजित सिंह, वित्त सचिव राजकुमार, वरिष्ठ उपप्रधान कलवा आदि उपस्थित रहे।

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