‘हम भारत के नन्हे बालक – पाकिस्तान तोहे जमके पेलेंगे’

महावतपुर गांव में हुआ होरी महोत्सव

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न्यूज़ एनसीआर, (प्रताप चौधरी) 18 मार्च-फरीदाबाद | फरीदाबाद जिले के थिएटर इन विलेज-महावतपुर गांव में होली कर उपलक्ष्य में हरियाणा कला परिषद्, ग्राम पंचायत भसकौला व बृज नट मंडली के संयुक्त तत्त्वावधान में गांव के श्री राधा वल्लभ मंदिर के प्रांगण में राष्ट्रीय होरी एवं चौपाई महोत्सव का आयोजन किया गया।
होरी महोत्सव में में राष्ट्रीय व अन्तराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। वहीं डॉ. राजकुमार तेवतिया ने अपने समाज से रूबरू कराया तो मिंडकौला से आयी लल्लू डगर की टीम के नन्हे नन्हे कलाकारों ने “हम भारत के नन्हे बालक पाकिस्तान तोहे जमके पेलेंगे – और अबके लाहौर में होरी खेलेंगे’ जैसी देशभक्ति रसिया सुनाकर दर्शकों को भावुक कर दिया।

इसके साथ ही आटोहा पलवल से आए रागिनी कलाकार बलराज चौहान की टीम ने डाकू लखन द्वारा भात भरने का किस्सा सुनाया। गांव नचौली से योगेश नागर ने दुर्योधन और कृष्ण संवाद सुनाकर दर्शकों से खूब वाही-वाही लूटी तो गाँव खेड़ी से पंडित रोहताश ने गीता उपदेश सुनाया जिसको सभी ने खूब सरहाया। साथ ही खेड़ी के कलाकार जगदीश की टीम ने राजा उदय सिंह का किस्सा सुनाया। इसके अलावा भैंसरावली से महाशय सोभा राम ने भी अपनी प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के संयोजक बृज मोहन भारद्वाज ने बताया कि, होरी महोत्सव में ग्राम पंचायत ने कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरा साथ दिया। वहीं हरियाणा सरकार के कला विभाग हरियाणा कला परिषद ने प्रोत्साहन रूप में सहायता राशि प्रदान की। राष्ट्रीय व अंतरास्ट्रीय कलाकार बृज भारद्वाज ने कहा कि, में अपनी ग्राम पंचायत का बहुत धन्यवाद करता हूँ कि समय-समय पर उनका सहयोग मिलता रहता है। वहीं हरियाणा कला परिषद का सहयोग कभी भुलाया नहीं जा सकता, उन्होंने कहा कि कला परिषद का बृज नट मंडली को हमेशा पूर्ण सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि, मेरा एक लक्ष्य है की, शहरी क्षेत्रों में विलुप्त हो रही रागिनी, रसिया व चौपाई कला को भी थियेटर जैसा मुकाम मिले इसलिए जब-जब भी शहरी इलाकों में थियेटर फेस्टिवल होता है तो हम इन कलाकारों को भी मौका देते हैं।

आपको बता दें कि, बृज मोहन भारद्वाज एक राष्ट्रीय व अंतरास्ट्रीय स्तर के कलाकार हैं जिन्होंने फरीदाबाद शहर में थियेटर को बढ़ावा दिया और पहला थियेटर फेस्टिवल भी कराया। अब थियेटर लवर लोगों को थियेटर देखने दिल्ली नहीं भागना पड़ता है, क्योंकि समय-समय पर फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में नाटक होते रहते हैं।
इस होरी महोत्सव में डॉ. बलराम आर्य, डॉ. रामनिवास, मास्टर अनिल का अहम् योगदान ने कार्यक्रम संयोजक बृज मोहन भारद्वाज की इस पहल पर उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की। आयोजन के अंत में श्रीमहंत बाबा आनंद शरण, सरपंच भानसिंह व बृज नट मंडली के संस्थापक बृज मोहन भारद्वाज व अध्यक्ष मनोज भारद्वाज ने सभी को स्मृति चिन्ह भेंटकर धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस मौके पर कैप्टन ईश्वर सिंह, विशेष सरपंच, रवि नम्बरदार, पंडित गिरिराज, पंडित सत्यओम, महाशय निर्मल, देवेंदर, मेंबर कन्हैया चौहान, मेघराज, सुभाष चौहान, पंडित दयाचंद आदि मौजूद रहे।

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