नाटक वालों ने किया ‘नाटक वाला’ नाटक का मंचन

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न्यूज़ एनसीआर, 27 मार्च-फरीदाबाद | वर्ल्ड थिएटर डे (विश्व रंग मंच दिवस) के अवसर पर बल्लभगढ़ स्थित बालाजी कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन में बृज नट मण्डली द्वारा ‘नाटक वाला’ नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक में एक कलाकार की दशा एवं उसकी व्यथा को एक नाटक के रूप में दर्शकों के सामने रख दिया जिसके लेखक मनीष जोशी व निर्देशक बृज मोहन भारद्वाज हैं। विश्व रंग मंच दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय प्रवासी परिषद्, डॉ. अजय तिवारी, विशिष्ठ अतिथि प्रिंसिपल – जगदीश चौधरी, डायरेक्टर – रविंदर फौजदार मुख्य रूप से मौजूद रहे।
नाटक में मुख्य कलाकार की भूमिका निभा रहे बृजमोहन भारद्वाज ने अभिनय के द्वारा एक रंगकर्मी के जीवन में आनी वाली कठिनाईयों, उतार-चढ़ाव और सुख-दुख को बखूबी दर्शाया। अपने अभिनय के माध्यम से उन्होने पूरे सभागार को एक रंगकर्मी के जीवन और उसके जीवनयापन को नजदीक से देखने और सोचने पर मजबूर कर दिया, उन्होने नाटक के माध्यम से बताया की कैसे एक रंगकर्मी आर्थिक सहायता और पारिवारिक ज़िम्मेदारियों में सामजस्य बिठाते-बिठाते अपनी कला के किनारा कर लेता है।
इस मौके पर मुख्य अतिथि डॉ. अजय तिवारी ने कहा कि, आज के व्यवसायिक युग में कला और कलाकर को जीवित रखने के लिये सरकार, सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ समाज को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि, विश्व एक मंच है और यहाँ रहने वाले लोग नाटक के पात्र हैं। रंग मंच समाज का दर्पण है जिसे कलाकार अभिनय कर प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि, जिस तरह से डिग्री लेने के पढ़ाई करनी पड़ती है, ठीक उसी तरह रंग मंच के लिए भी जरुरी है की पहले युवा इसे समझें तैयारी करें और फिर आगे बढ़ें।

वहीँ कॉलेज के प्रिंसिपल जगदीश चौधरी ने बृज नट मण्डली के संस्थापक बृज मोहन एवं अध्यक्ष मनोज भारद्वाज व उनकी पूरी टीम को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि, रंग मंच की स्थिति में बीते 5 से 6 वर्षों में सुधार आया है, इससे पहले फरीदाबाद में रंग मंच की स्थति काफी खराब थी, और नाटक करने के लिए फरीदाबाद में एकमात्र नगर-निगम सभागार ही विकल्प था, लेकिन बृज नट मण्डली ने जबसे यहाँ थिएटर फेस्टिवल कराने शुरू किये हैं तो कलाकार भी बढे है और मंच भी। सिनेमा के बाद अब थिएटर को लोग काफी पसंद करने लगे है।
साथ ही बृज नट मण्डली के संस्थापक ब्रिज मोहन भारद्वाज ने कहा कि, रंग मंच एक स्याह पहलु भी है, वर्तमान में रंगकर्मी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं आर्थिक रूप से भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। आलम यह है कि, किसी भी नाटक को करने में वे खुद के ही रुपए खर्च कर अपने शौक को ज़िंदा रखें हैं।

इस नाटक की शानदार प्रस्तुति पर दर्शकों ने बृजमोहन भारद्वाज एवं उनकी टीम – मनोज भारद्वाज, राजेश्वर कौशिक, सुदर्शन शर्मा, शत्रुधन नागर और अभिषेक राजपूत को सम्मान स्वरूप भगवद गीता व नकद इनाम राशि भी प्रदान की। इस मौके पर एकता रमन, प्रताप चौधरी, प्रीती चीमा, अभिषेक देशवाल एवं कॉलेज का समस्त स्टॉफ एवं विधार्थी मौजूद रहे।

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