ऐसिड अटैक पीड़ितों को दिव्यांगता की विरूपता होने पर सरकार देगी वित्तीय सहायता

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न्यूज़ एनसीआर, (उदयचंद माथुर) 10 मार्च-हथीन | उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से तेजाब हमले से पीडि़त महिलाओं एवं लड़कियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे कि वे समाज में सम्मान सहित जीवन व्यतीत कर सकें।
उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में तेजाब हमले के कारण महिलाओं एवं लड़कियों ने श्रवण क्षमता खो दी है। जब तेजाब श्वास नली या भोजन नली में प्रवेश करता है तो यह घातक बीमारियों का कारण बन सकता है। ईलाज के लिए अत्याधिक राशि खर्च होती है और हर पीडि़त व्यक्ति के लिए इतना मंहगा इलाज करवाना संभव नहीं है। यह सामाजिक सुरक्षा योजना तेजाब हमले की शिकार महिला को मासिक पैंशन तथा उसके जीवन के अंत तक उसे आय का एक निरंतर स्त्रोत प्रदान करती है। यह योजना तेजाब हमले से ग्रसित महिला एवं लड़की को किसी भी हद तक जीने के अधिकार को बहाल करने में सहयोगी सिद्ध होगी।
उन्होंने बताया कि, तेजाब हमले से पीडि़त का अर्थ यहां एक महिला या लड़की से है, जो अपने शरीर के किसी भी हिस्से की विरूपता को झेल चुकी है या तेजाब हमले या इसी प्रकार के संक्षारक पदार्थ के कारण दिव्यांग हो गई है। इस योजना का लाभ उन तेजाब पीडि़त महिलाओं एवं लड़कियों को दिया जाएगा जो हरियाणा की निवासी हो। 2 मई 2011 के पश्चात तेजाब हमले की शिकार महिला या लड़की लाभ की पात्र होगी। महिलाओं एवं लड़कियों के शरीर के किसी भी भाग में 40 से 50 प्रतिशत दिव्यांगता तक 2.5 गुणा दिव्यांग पैंशन, 51 से 60 प्रतिशत दिव्यांगता तक 3.5 गुणा दिव्यांग पैंशन व 61 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता की विरूपता होने पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। पीडि़त स्वयं तथा पीडि़त के माता-पिता या उसके कानूनी अभिभावक राहत के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी को आवेदन कर सकते हैं।

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