सूरजकुंड मेले में पहुंचे हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत

0
15
न्यूज़ एनसीआर, 11 फरवरी-फरीदाबाद | हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि 33वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेला विश्व में विख्यात हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस मेले में विश्व के 31 देश भाग ले रहे हैं। सांस्कृति संध्या कार्यक्रम का शुभारंभ महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत व पर्यटन एवं शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत सोमवार को सायं सूरजकुंड क्राफ्ट मेले का अवलोकन करने के उपरांत बडी चौपाल में आयोजित सांस्कृति संध्या में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेले में देश व विदेश के बुनकरों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद उनकी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश की संस्कृति दुनिया में सर्वोपरि है। संस्कृति और परंपराओं के प्रचार एवं प्रसार से एकता और भाईचारा बढता है। सूरजकुंड मेला इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।
आचार्य देवव्रत ने सूरजकुंड मेला परिसर में महाराष्ट्र सरकार द्वारा बनाए गए रायगढ किले का भी अवलोकन करके वहां पर छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पूर्व उन्होंने थीम स्टेट महाराष्ट्र के पवैलियन तथा हरियाणा के अपना घर में जाकर भारतीय संस्कृति से भी रूबरू हुए। पर्यटन एवं शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गीता ग्रंथ को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। कुरूक्षेत्र की युद्ध भूमि से गीता निकली है। गीता हमारा गीत है, गीता ज्ञान है, गीता विज्ञान है, गीता शंका है और समाधान है। उन्होंने कहा कि अंतरास्ट्रीय सूरजकुंड मेले का आज 11वां दिन है। इस मेले में अभी तक लाखों लोग शिरकत कर चुके हैं। विभिन्न देश व भारत के सभी राज्य इस मेले में अपनी भागीदारी करके हस्तशिल्प वस्तुओं एवं उत्पादों का आपस में आदान-प्रदान करके विश्व में एकता और भाईचारे की एक अनूठी पहचान कायम कर रहे हैं।

हरियाणा के गृह सचिव डॉ. एस.एस. प्रसाद एवं उनकी धर्मपत्नी रंजू प्रसाद ने सांस्कृति संध्या में भोजपुरी संगीत के द्वारा कार्यक्रम में मौजूद सभी महानुभावों का स्वागत किया। उन्होंने एक से बढकर एक सांस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सांस्कृतिक संध्या में हरियाणवी गीत ‘हटजा ताऊ पाछे न’ फिल्मी गीत मैं ‘जट यमला पगला दिवाना’ हिंदी फिल्मों के पुराने गीतों व ब्रज रसिाया जैसे तेरे मन की गंगा और मेरे मन की जमुना का बोल राधा बोल संगम होगा के नहीं, कान्हा बरसाने में आ जइयो बुलाय गई राधा प्यारे, गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो गीतों तथा गणेश वंदना से दर्शकों का मन मोह लिया।
सोमवार की सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत की धर्मपत्नी दर्शना देवी, उनके दामाद योगवीर लांबा, पर्यटन विभाग के प्रबंध निदेशक विकास यादव, फरीदाबाद पुलिस आयुक्त संजय कुमार, उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी, सी.पी. विक्रम कपूर, डीसीपी नितीका, एसडीएम अजय चौपड़ा, मेला के नोडल अधिकारी राजेश जून सहित कई गणमान्य नेतागण उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here