लेट फीस के नाम पर छात्र-छात्राओं से मनमाने तरीके से वसूले जा रहे रुपए : कृष्ण अत्री

0
6

न्यूज़ एनसीआर, 6 अक्टूबर-फरीदाबाद | आज एनएसयूआई के धरने के 62वे दिन नेहरू कॉलेज के छात्रों ने धरना स्थल पर पहुँचकर एनएसयूआई प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री के सामने एक नई समस्या रखी। उन्होंने बताया कि छात्रों के अनुसार कॉलेज में समय पर अपने दस्तावेज जमा कराने के बाद भी उनसे लेट फीस वसूली जा रही है और यह लेट फीस कॉलेज की सालाना फीस से भी अधिक होती है।


लेट फीस बोल कर छात्र-छात्राओं से वसूले जा जा रहे रुपए

इस दौरान प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री ने बताया कि शनिवार को उनके पास कुछ छात्र-छात्राएं अपनी समस्या लेकर आये जिसमें उन्होंने बताया कि दाखिले के समय मार्कशीट जमा कराने के बावजूद भी उनसे दोबारा कागजात जमा करने के लिए कहा जा रहा है और समय पर कागजात जमा ना करने की बात कह कर लेट फीस देने के लिए भी बोला जा रहा है।

जब छात्र दाखिले के समय ही सभी कागजात जमा करा चुके हैं। तो दोबारा से कागजात जमा कराने के लिए छात्रों को परेशान क्यों किया जा रहा है साथ ही लेट फीस के बहाने छात्र-छात्राओं से सालाना फीस से भी अधिक रुपए वसूले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन को पहले कागजात जमा कराने की बात बताई, तो कॉलेज वालों ने कहा कि उन्होंने कागज जमा करने के बाद कॉलेज रजिस्टर में साइन नहीं किये हैं। वहीं दूसरी ओर छात्र-छात्राओं  के अनुसान उस समय उन्हें किसी ने साइन करने के बारे में नहीं बताया।

कृष्ण अत्री के अनुसार छात्रों से 8 अक्टूबर तक 2500 रुपये लेट फीस के साथ कागजात जमा कराए जा रहे है और 8 अक्टूबर के बाद यही फीस 2500 से बढ़ाकर 5000 कर दी जाएगी। लेट फीस जमा ना करने पर छात्रों को रोल नंबर जारी ना करने का डर दिखाया जा रहा है।


कृष्ण अत्री  ने कहा ऐसा ही चलता रहा तो एनएसयूआई पुरजोर विरोध करेगी

कृष्ण अत्री ने यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब दाखिले के समय ही जाँच पड़ताल करके सभी कागजात ले लिए जाते हैं तो फिर दोबारा से कागजात क्यों माँगे जा रहे हैं। इस तरह से यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रशासन छात्र-छात्राओं पर तानाशाही  रवैया अपनाकर अपनी कमियों को थोप रहा है और उनसे बदले में अवैध लेट फीस वसूल भी करता है। अत्री ने बताया कि इस तरह लगभग 410 छात्र-छात्राएं हैं जिन्हें कागजात जमा ना करने के बदले में 2500 से 5000 तक की लेट फीस जमा करानी हैं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रशासन ने इस अवैध वसूली को माफ करके छात्रों के कागजात जमा नहीं किए तो एनएसयूआई इसका पुरजोर तरीके से विरोध करेंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here