दशहरा की अनुमति न मिलने पर बैठूंगा अनशन पर:महंत सरूप बिहारी शर्मा 

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न्यूज़ एनसीआर,9 अक्टूबर-फरीदाबाद | सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर श्री सनातन धर्म महाबीर दल द्वारा मनाया जाने वाला दशहरा उत्सव इस बार भी राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण खटाई में पड़ सकता है।

मंदिर के महंत ने कहा कि इस दशहरा उत्सव पर राजनीति इतनी हावी हो रही है कि किसी भी तरह यह पर्व सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर श्री सनातन धर्म महाबीर दल द्वारा नहीं मनाया जाना चाहिए।जो कि अपने आप एक निंदनीय कार्य है इस तरह के पर्वों पर भाजपा के नुमाईदों द्वारा राजनीति करना शर्म का विषय है और हिन्दू धर्म के साथ खिलवाड़ है।

एक तरफ तो भाजपा सरकार अयोध्या में राम मंदिर बनवाने की बात करती है।वहीं दूसरी ओर सरकार के कुछ अधिकारी धर्म के साथ खिलवाड़ करने का काम कर रहे हैं। यह कहना है श्री सनातन धर्म महावीर दाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत सरूप बिहारी शर्मा का।

जब मंगलवार को दोनों पक्षों की सुनवाई के लिए बड़खल के एसडीएम अजय चौपड़ा ने 12 बजे का समय देकर अपने कार्यालय पर बुलाया। तब मंदिर कि ओर से श्री सनातन धर्म महावीर दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत सरूप बिहारी शर्मा के नेतृत्व में सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर के प्रधान राजेश भाटिया,चैयरमेन संजय शर्मा एवं अन्य संस्था से जुड़े पदाधिकारियों एसडीएम से मुलाकात की,मगर इस बैठक का कोई समाधान नहीं निकला। एसडीएम चौपडा ने दोनों पक्षों को दो दिन का समय देते हुए पुन: बुलाने की बात कही।

मंदिर की ओर से इस मुलाकात के संबंध में प्रैस नोट जारी किया गया है। जिसमें प्रशासन द्वारा अनुमति न देने का जिक्र करते हुए महंत सरूप बिहारी शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और विधायक सीमा त्रिखा राजनैतिक के दवाब में है और वह किसी भी तरह से दशहरा मनाने की अनुमति नहीं देना चाहता।उन्होंने एसडीएम पर अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगते हुए कहा कि प्रशासन हमारी संस्था को ही गलत ठहराने पर तुला है। जबकि सभी को पता है की श्री सनातन धर्म महाबीर दल पिछले 6 दशकों से भी अधिक समय से दशहरा पर्व मानती आई है और संस्था द्वारा अनेकों समाज हित के कार्य करती आ रही है।
एसडीएम द्वारा किए गए व्यवहार पर उन्होंने कहा कि दशहरे की अनुमति न देकर खुद प्रशासन माहौल खराब करने पर तुला है और वह उल्टे हमें ही दोषी ठहराते हुए माहौल खराब करने की बात कह रहे हैं। श्री महंत ने ऐसे अधिकारी पर तुरंत प्रभाव से कार्यवाही करने की बात कही।उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म का प्रचार करने वाली सरकार ऐसे अधिकारी जो कि हिन्दुओं के त्यौहारों को मनाने से रोक लगाते हैं इससे मौजूदा सरकार की छवि धूमिल हो रही है।

महंत ने कहा कि दशहरा पर्व की अनुमति न मिलने के कारण वह बुधवार से अनशन पर बैठेंगे और यह अनशन जब तक समाप्त नहीं होगा जब तक सरकार ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कोई सख्त एक्शन नहीं लेगी।उन्होंने कहा कि 17 अक्टूबर को पूरे देश से संत समाज भी हमारे ताकत बढ़ाते हुए हमारे साथ अनशन पर बैठेंगे। महंत ने कहा मंत्री और विधायक यदि मामले को शांत करना चाहते हैं तो वह स्वयं अनुमति लेकर हमारे साथ दशहरा पर्व को धूमधाम से मनाएं।

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