वाहन खड़े करने या सड़क पर सामान बेचने वालों को बड़ी राहत, जुर्माने में हुई भारी कटौती

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न्यूज़ एनसीआर, 9 जून-दिल्ली । दिल्ली नगर निगम की स्थाई समिति ने अतिक्रमण हटाने के जारी अभियान के दौरान जब्त वाहन और अन्य सामान पर लगाए जाने वाले जुर्माने में भारी कटौती की है। वर्तमान में लागू दरों में 60 से 80 प्रतिशत तक कटौती की है।शुक्रवार को निगम स्थाई समिति की अध्यक्ष शिखा राय ने बैठक के बाद बताया कि अतिक्रमण हटाने के अभियान से बड़ी संख्या में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जुर्माने की वर्तमान भारी दरों के कारण उन पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव भी पड़ता है। ऐसी स्थिति में उन्हें राहत देने के लिए निगम ने दरें घटाने का फैसला किया है।

बताया जा रहा है कि खड़े होकर और सड़क पर बैठ कर सामान बेचने वालों पर जुर्माने की दर 1500 रुपये से कम करके 600 रुपये की गई है। इसी तरह दुकानदारों पर यह दर 3000 रू से कम करने 1000 रुपये कर दी गई है। ट्रांसपोर्ट कंपनियों, टिंबर व्यापारियों और भारी मशीन विक्रेताओं पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगता था जिसे घटा कर 10,000 रुपये कर दिया गया है।

इस दौरान बताया गया कि वाहनों की वर्कशॉप पर जुर्माना 7500 रुपये लगता है जिसे घटा कर 3000 रुपये किया गया है। बिना लाइसेंस की रेहड़ी जब्त करने पर 6000 रुपये का जुर्माना लगता था जिसे कम करके 2500 रुपये किया गया है। इसी तरह जूस कॉर्नर पर 7500 रुपये के स्थान पर अब 3000 रुपये जुर्माना लगेगा। वाटर ट्रोली को जब्त करने पर 20000 रुपये का जुर्माना लगता है जिसे घटा कर 15,000 रुपये किया गया है।

फैसले के मुताबिक, जब्त सामान को हटाने की दरों में भी भारी कटौती की गई है। 40 किलोग्राम वजन तक के भार पर 750 रुपये जुर्माना लगता था जिसे कम करके 300 रुपये किया गया है। 40 किलोग्राम से 1 किवंटल के वजन पर लगने वाले जुर्माने को 1500 रुपये घटा कर 800 रुपये किया गया है। इसी तरह 1 किवंटल से 5 किवंटल तक के सामान को हटाने पर लगने वाले 2000 रू के जुर्माने के स्थान पर अब केवल 1000 रुपये देना पड़ेगा। 5 किवंटल से अधिक के वजन के सामान पर अब 5000 रू के स्थान पर 2000 रुपये लगेगा।

इसी तरह सामान को भंडार गृह में रखने की दरों में हुए बदलावों के मुताबिक, एक किवंटल से कम के सामान को 24 घंटे तक रखने के लिए 500 रुपये के शुल्क को 100 रुपये कर दिया है। प्रतिदिन प्रति किवंटल भंडार गृह में सामान रखने के शुल्क को 1000 रुपये से कम करके 200 रुपये कर दिया गया है। एक कैलेंडर वर्ष में दोबारा सामान जब्त होने पर वर्तमान दरों से 25 प्रतिशत अधिक वसूल किया जाएगा। उसी कैलेंडर वर्ष में दो के बाद जितनी बार सामान जब्त होगा तो उस पर लागू दर से 50 प्रतिशत अधिक वसूला जाएगा। बता दें कि स्पेशल टास्क फोर्स के निर्देशों का पालन करते हुए इन दिनों निगम ने अतिक्रमण रोधी अभियान छेड़ रखा है। इस दौरान अतिक्रमण कर्ताओं पर चालान भी किए जाते हैं। स्थाई समिति ने लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन दरों में बदलाव किए हैं।

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