रोडवेज़ के 350 बस चालक पड़े सरकार पर भारी

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न्यूज़ एनसीआर, 11 मई-हरियाणा | हरियाणा रोड़वेज वर्कर्स ज्वाईन्ट एक्शन कमेटी ने शुक्रवार को चक्काजाम आंदोलन का आगाज कर सरकार को 365 अस्थायी चालकों को सेवामुक्त करने के आदेश पर रोक लगाने को मजबूर कर दिया। एक्शन कमेटी के नेता हरिनारायण शर्मा, दलबीर किरमारा, जय भगवान कादियान, अनुप सहरावत, बाबूलाल यादव व बलवान सिंह दोदवा ने बताया कि रोडवेज महानिदेशक विकास गुप्ता द्वारा 365 चालकों को नौकरी से निकालने के विरोध में शुक्रवार को प्रदेश के सभी डिपो व सब डिपो पर जोरदार प्रर्दशन किया गया।

कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए सरकार ने महानिदेशक के आदेशों पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि यह रोड़वेज कर्मचारियों की भारी जीत है। उन्होंने बताया कि परिवहन मंत्री 365 चालकों को नौकरी से निकालने के पक्ष में नही थे लेकिन महानिदेशक विकास गुप्ता ने परिवहन मंत्री के आदेशों को दरकिनार करते हुए 10 मई को उच्च अधिकारियों की बैठक में सभी डिपो महाप्रबंधक को 365 चालकों को नौकरी से निकालने के आदेश जारी किए थे। जैसे ही इन आदेशों की सूचना मिली ज्वाईन्ट एक्शन कमेटी ने चक्का जाम करने का ऐलान कर दिया।

कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए परिवहन मंत्री ने तुरन्त दखल किया तथा महानिदेशक द्वारा जारी आदेशों पर रोक लगाई। उन्होंने कहा कि ज्वाइन्ट एक्शन कमेटी परिवहन मंत्री का आभार व्यक्त करती है तथा मांग करती है कि महानिदेशक के पत्र को तुरन्त वापिस ले अन्यथा रोड़वेज कर्मचारियों को फिर से चक्का जाम करने पर मजबूर होना पड़ेगा।

शर्मा व दोदवा ने बताया कि महानिदेशक लगातार 6 महिने से अनाप-शनाप पत्र जारी करके रोड़वेज कर्मचारियों का सरकार के साथ टकराव करवाने का प्रयास कर रहे हैं। महानिदेशक ने 8 मई को फिर यूनियन पदाधिकारियों को टारगेट बनाया है तथा काम न करने का आरोप लगाते हुए पत्र जारी करके बदनाम करने का प्रयास किया है जो कि सरासर गलत है।

महानिदेशक ने ऐसा करके अपना बचाव करने का प्रयास किया है क्योंकि मुख्यालय में किसी भी कर्मचारी का कोई भी काम समय पर व कर्मचारी हित में नहीं होता। नियन नेताओं को बार-बार मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ज्वाइन्ट एक्शन कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने ऐसे अधिकारियों पर नकेल कसते हुए इन पत्रों को वापिस नही लिया तो एक बड़ा आन्दोलन होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी महानिदेशक व सरकार की होगी।

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