गांव मंढनाका में मनाया गया विश्व मधुमक्खी दिवस

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न्यूज़ एनसीआर, (उदयचंद माथुर) 22 मई-हथीन | बागवानी विभाग द्वारा गांव मंढनाका में विश्व मधुमक्खी दिवस 2018 के उपलक्ष्य में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बागवानी विभाग से डॉ. अशोक कुमार वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी, डॉ. वी.के. शर्मा (सेवानिवृत समन्वयक, कृृषि विज्ञान केन्द्र, मण्डकोला), डॉ. मोहम्मद अली खान (सेवानिवृत सब्जी विशेषज्ञ), डॉ. प्रवीण (जिला बागवानी सलाहकार) एंव विजेन्द्र दलाल (सदस्य, कार्यकारी समिति, हरियाणा राज्य बागवानी विकास एजेंसी) ने भी अपने विचार किसानो के समक्ष रखे। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विभाग द्वारा जिला पलवल में चलाई जा रही एम.आई.डी.एच., आर.के.वी.वाई., एस.सी.एस.पी., जी.ए.पी., आई.एच.डी., एन.एम.एम.पी., सूक्ष्म सिचाई व अन्य योजनाओं के बारे में किसानो को विभिन्न मदों के तहत प्रदान की जाने वाली अनुदान राशि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। डॉ. वी.के. शर्मा ने फल एवं सब्जियों में लगने वाले कीट, बीमारी आदि के बारे में जानकारी देते हुए उनके प्रबंधन व रोकथाम के उपायों से किसानो को अवगत कराया।

डॉ. एम.ए. खान ने सब्जियों की खेती को वैज्ञानिक तरीके से करने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि आज किसान की जोत दिन प्रतिदिन घटती जा रही है व हम परंपरागत तरीके अपनाकर अधिक पैदावार नही ले पाते। आज के युग में हमें वैज्ञानिक तरीके से सब्जियों की खेती करनी चाहिए। इसके लिए उन्होने उच्च कोटि के बीज अपनाने व संतुलित मात्रा मे खाद व उर्वरक तथा कीटनाशकों के प्रयोग के बारे मे जानकारी दी। उन्होने बताया कि खादों का प्रयोग मिट्टी परिक्षण के आधार पर ही करें। ज्यादा खाद व कीटनाशकों के प्रयोग करने से जमीन की सेहत के साथ साथ मानव शरीर पर भी कुप्रभाव पडता है। यहां तक की यह मनुष्य के शरीर में कैंसर जैसी घातक बीमारियों का भी कारण बनते है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे जैविक खेती करने पर अधिक घ्यान दें।

उन्होंने कृृषको से अपनी पैदावार स्वंम ही बेचकर अधिक मुनाफा कमाने के बारे में कहा क्योंकि किसानो को उनकी पैदावार का सही दाम नही मिल पाता, उन्होंने कहा कि किसान खेती बाडी समूह मे करें जिसपर उद्यान विभाग की अनुदान देने की योजना है। डॉ. प्रवीन कुमार ने मधुमक्खीयों से होने वाले फायदों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होने बताया कि मधुमक्खी पालन से हमें केवल शहद ही प्राप्त नही होता अपितू यह किसान की पैदावार को बढाने में भी सहायक है। आज मधुमक्खी पालन सें युवाओ को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे है। इस अवसर पर विजेन्द्र सिंह दलाल, रणबीर सिह (फूल उत्पादक), समयवीर (मधुमक्खी पालक), ओमबीर, हरिचन्द, अजय सिवाच ने भी किसानो को बागवानी से सम्बंधित अपने अनुभव बताए। एक दिवसीय सेमीनार में गांव मढनाका के साथ-साथ गांव कोंडल, पातली, पलवल, बढा, औरंगाबाद, हथीन, नांगल जाट आदि गांवो के सैंकडों किसानों ने भाग लिया।

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