फरीदाबाद के निर्मेष और रितु वर्मा पहुंचे उत्तराखंड

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न्यूज़ एनसीआर, (एकता रमन) 3 मार्च फरीदाबाद | जिला प्रशासन, चंपावत, उत्तराखंड, और डाइस फाउंडेशन के तत्वावधान में 23-24 फरवरी 2018 को चंपावत में पहली बार उत्तराखंड सतत विकास समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन का एकमात्र उद्देश्य था के चंपावत जिला प्रशासन भी सशक्त विकास लक्ष्यों पर सीधे काम कर सके।

जिला प्रशासन, चंपावत, उत्तराखंड, और DAIS फाउंडेशन के तत्वावधान में 23-24 फरवरी 2018 को चंपावत में पहली बार उत्तराखंड सतत विकास समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन का एकमात्र उद्देश्य था के चंपावत जिला प्रशासन भी सशक्त विकास लक्ष्यों पर सीधे काम कर सकता है।

गौरतलब है के इस आयोजन में फरीदाबाद से एक भाई-बहन की जोड़ी को कविता पाठ के लिए आमंत्रित किया गया था। निर्मेष वर्मा एवं रितु वर्मा दोनों ‘शैडोज़ ऑन पेपर’ के संस्थापक हैं और अपने इस क्लब के द्वारा नई पीढ़ी के युवा कवियों को प्रोत्साहन एवं मंच प्रदान करते हैं। हम आपको बता दें कि निर्मेष और रितु को कविता की दुनिया में लाने वाले हैं यासीन अनवर, जो कि खुद ‘काफ़िया’ नाम के एक पोएट्री क्लब को चलाते हैं। इनकी जोड़ी को चंपावत जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया गया। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किया गया था और अन्य देशों से भी प्रतिनिधि बुलाये गए थे। अफगानिस्तान से इमामुद्दीन हुसैन और फैजल, वियतनाम से एन्ना, तुर्कमेनिस्तान से दिलदुराह, तुर्कमेनिस्तान से करीमा, इजीप्ट से इस्लाम, म्यांमार से रास और इंडोनेशिया से अब्दुला ने इस कार्यक्रम में शिरकत की। बॉलीवुड के गीतकार – असीम अहमद अब्बासी (गीतकार – तूने मेरे जाना, बीए पास फिल्म के गीतकार), गायक छात्र – विपाशा मल्होत्रा ​​और नसरा अहमद, छात्र कविता पूजा शाह (मानव रचना प्रतियोगिता की विजेता) भी वहां मौजूद थे। निर्मेष वर्मा एवं रितु वर्मा ने ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लक्ष्यों में कला के महत्व’ पर एक परिचर्चा में भी अपने विचार रखे।

निर्मेष वर्मा एक एंकर, फैशन डिजाइनर और सोशल वर्कर हैं जबकि अपनी योग्यता के आधार पर वह इंजीनियर हैं। वह एक कला प्रेमी हैं और उन्हें समाज के प्रति उनकी प्रशंसनीय योगदान के लिए ‘मानव शान समाज पुरस्कार’ और ‘सर्वश्रेष्ठ एंकर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। फरीदाबाद युवा कांग्रेस ने निर्मेष को ‘फरीदाबाद गौरव समन’ प्रदान किया है।

रितु वर्मा बिग बज़ आइडियाज़ की प्रबंध निदेशक हैं। वह सूफी संगीत, ग़ज़ल और लोक कलाकारों का समर्थन करके कला का वास्तविक सार समाज में रखने के लिए प्रयासरत हैं। प्रमुख रूप से वह समाज की बुराइयों को इंगित करने के लिए व्यंग्यात्मक तरीके से लिखती है और कविता पढ़ने की उनकी विधि इतनी अनोखी है कि हर कोई उनके साथ जुड़ जाता है।

इस भाई-बहन की जोड़ी ने एक क्लब की स्थापना की है जिस से वह उभरते कवियों को मंच प्रदान करने और नियमित रूप से व्यवस्थित करने के लिए
कविताओं और लयबद्ध कार्यक्रमों का आयोजन करते रहते हैं। हाल ही में इन्होने अपना फैशन लेबल भी लॉन्च किया है। फैशन के माध्यम से सामाजिक कार्यों का समर्थन करने के लिए “निर्मेष और रीत” एक कलात्मक ढंग से योगदान कर अपना वजूद साबित कर रहे हैं।

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