बीके अस्पताल में डॉक्टर्स की बड़ी लापरवाही, नवजात बच्चा कूड़ेदान में गिरा

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न्यूज़ एनसीआर, 27 फरवरी-फरीदाबाद | बीके अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही के कारण एक महिला की प्रसूति के बाद बच्चा कूड़ेदान मेंं जा गिरा। स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारी गर्भवती को प्रसुति कक्ष में अकेला छोड़कर बाहर निकल गए थे। उसी दौरान यह हादसा हो गया। बच्चे को गंभीर हालत में नर्सरी में दाखिल कराया गया है। जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। महिला के परिजनों ने एक नर्स पर दाखिल करने से पहले दो हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने मामले की लिखित शिकायत सीएमओ से की है।

तिगांव निवासी सुखबीर ने बताया कि उनकी 22 वर्षीया पत्नी कोमल गर्भवती थी। रविवार की रात को प्रसूति पीड़ा होने पर वे उसे तिगांव स्थित पीएचसी में ले गए। जहां कर्मचाीिरयों ने उसे बीके अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रात करीब डेढ़ बजे वे कोमल को बीके अस्पताल में ले आए। दाखिल करने से पहले प्रसुति वार्ड में मौजूद एक नर्स ने उनसे दो हजार ले लिए। पीडि़त के मुताबिक सुबह करीब सात बजे पीड़ा ज्यादा होने पर नर्स माला और रजनी उनकी पत्नी को प्रसूति कक्ष में ले गए। कोमल को वहां छोड़ कर दोनों बाहर निकल आई और अपनी बातों में व्यस्त हो गईं। उसी दौरान कोमल को प्रसव हो गई और नवजात बच्चा टेबल से फिसल कर सीधा वहां रखे कूड़ेदान में जा गिरा।

कोमल की चीख-पुकार सुनकर दोनों नर्स प्रसव कक्ष में पहुंची, जिसके बाद बच्चे को कूड़ेदान से बाहर निकाला गया। कोमल का आरोप है कि अपनी गलती पर पर्दा डालने के लिए दोनों नर्स और अन्य कर्मचारी उसकी हालत खराब होने के बावजूद उसे धमकाने लगे। ये उसे धमकाते हुए कह रहे थे कि उसने प्रसुति क्यों नहीं रोकी। इस दौरान बच्चे की हालत खराब होने पर उसे बच्चों की नर्सरी में ले जाया गया।

जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को दाखिल कर लिया है। समाचार लिखे जाने तक बच्चे की हालत चिंताजनक बताई जा रही थी। कोमल के जेठ हरि सिंह ने बताया कि उन्होंने मामले की लिखित शिकायत सीएमओ डॉ. गुलशन अरोड़ा से कर दी है। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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