सरकार ने जाहिर की अपनी मंशा, पेट्रोलियम पदार्थों के दामों की दैनिक समीक्षा के मामले में हस्तक्षेप नहीं

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न्यूज़ एनसीआर,14 सितंबर-दिल्ली | पिछले कुछ महीनों से पेट्रोल-डीजल के दाम बेतहासा बढ़ चुके हैं। पेट्रोल-डीजल के दामों में तकरीबन 10 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। धीरे-धीरे बढ़ी इन कीमतों का एहसास ही नहीं हुआ। हां उन्हें पता जरूर चलता है जो पेट्रोल पंप पर अपने वाहनों के लिए ईंधन भरवाने जाते हैं। ऐसा तब से हो रहा है जब से पेट्रोल और डीजल के दामों की दैनिक समीक्षा का नियम लागू हुआ है। इस नियम का विरोध जब शुरू होने लगा तब सरकार ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है कि वो पेट्रोलियम पदार्थों के दामों की दैनिक समीक्षा के मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसके लिए एक शगुफा जरूर छोड़ा है कि जीएसटी परिषद् को पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार करना चाहिए। इतना ही नहीं मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कीमतों की बढ़ोतरी को लेकर हो रही आलोचना तक को गलत ठहरा दिया है। इसके लिए उन्होंने कहा कि 16 जून को नई व्यवस्था के बाद एक पखवाड़े तक कीमतों में आई कमी की अनदेखी की गई और अस्थायी तौर पर बढ़ी कीमतों को जोर शोर से उठाया जा रहा है।

पेट्रोलियम पदार्थों की दैनिक समीक्षा को तरजीह देते हुए मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इसकी वजह से अगर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में कटौती होती है तो उसका लाभ ग्राहकों को तुरंत मिलता है। मंत्री प्रधान के मुताबिक अमेरिका में चक्रवात जैसे कारणों ने विश्व स्तर पर कीमतों में वृद्धि कर दी है। अमेरिका में आए चक्रवात की वजह से वहां की कुल रिफाइनरी क्षमता 13 फीसदी कम हुई है।⁠⁠⁠⁠

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