मोदी के तीसरे मंत्रिमंडल के विस्तार की प्रक्रिया शुरू

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न्यूज़ एनसीआर, 02 सितंबर-दिल्ली | शुक्रवार और शनिवार को राष्ट्रपति कर्नाटक के दौरे पे हैं। शुक्रवार से ही मथुरा में आरएसएस की बैठक शुरू हो रही है। रविवार रात मोदी चीन के लिए निकल जाएंगे, और वापस 7 तारीख को आएंगे। पीएम मोदी जब लौटेंगे तब तक पितृपक्ष शुरू हो चुका होगा हिन्दू संस्कृति और सनातन में विश्वास करने वाली बीजेपी इन तारीखों और दिनों को बहुत मानती है इसीलिये, फिलहाल की परिस्थिति में रविवार यानी 2 सितंबर सबसे अनुकूल दिन माना जा रहा है।

मंत्रीमंडल के विस्तार की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है, जहां एक तरफ राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के यहां सांसदों का आना जाना लगा हुआ है वहीं कुछ मंत्रियों ने अपना इस्तीफ़ा भी सौंप दिया है।

जिन मंत्रियों ने अपना इस्तीफ़ा सौंपा हैं वो हैं

राजीव प्रताप रूढ़ी, उमा भारती, फग्गन सिंह कुलस्ते, महेंद्र नाथ पांडे जिन्हें फिलहाल उत्तर प्रदेश अध्यक्ष की कंमान दी गयी है, कालराज मिश्र, निर्मला सीतारमण, और गिरिराज सिंह है, रेलमंत्री सुरेश प्रभु पहले ही ट्रेन हादसों के बाद अपने इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं।

माना जा रहा है कि महेश शर्मा सहित कुछ और भी मंत्री होंगे जिनसे इस्तीफा मांगा जाएगा और संगठन के काम में लगाया जाएगा। जिनमे कृषि मंत्री राधामोहन सिंह जा नाम सबसे ऊपर है।

इस बार के मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार में कम से कम दो दर्जन मंत्री फेरबदल से प्रभावित होंगे इसमें एक जैसे कई मंत्रालयों के विलय की भी उम्मीद है। जिनमें कृषि और रसायन, रेलवे और परिवहन, नागरिक उड्डयन जैसे कुछ मंत्रालय शामिल है। पीएम मोदी के पास  एक्सपिरेंसड और स्किल्ड सांसदों की कमीं है, ऐसे में चर्चा तेज है कि कुछ प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को केंद्रीय मंत्रिमंडल की जिम्मेदारी दी जा सकती है जिनमे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्यस्थान की वसुंधरा राजे और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह को केंद्र की मोदी सरकार में लाता जा सकता है।

राजनीतिक घटनाक्रम में हो रहे बदलाव को देखते हुए एआईएडीएमके के आने के बाद शिवसेना कि स्थिति मोदी मंत्रिमंडल में कमजोर होने वाली है, 2019 के चुनावों के ध्यान में रखते हुए ही कैबिनेट में फेरबदल के लिए मापदंड तैयार किए गए हैं। 2018 में 5 राज्यों में चुनाव भी होने हैं ऐसे में उस राज्यों को मंत्रिमंडल ज्यादा तबज्जो मिलने के आसार है। इन सबके बीच भूपेंद्र सिंह यादव जो कि अमित शाह और संगठन मंत्री दोनों ही बेहद करीबी माने जाते हैं और गुजरात इलेक्शन के मद्देनजर उन्हें मंत्रिमंडल में लाने की खबर बेहद तेज है।

संभावना है कि सात नए राज्यपाल नियुक्त किए जाएंगे।जिनमें कलराज मिश्रा, लालाजी टंडन, विजय कुमार मल्होत्रा के अलावा कुछ और नाम भी सूची में शामिल हैं। केंद्र सरकार में लगभग आधा दर्जन प्रमुख मंत्रालय के मंत्रियों के पास अतिरिक्त मंत्रालय भी हैं, जिनमें से प्रत्येक से एक मंत्रालय लिया जा सकता है। उत्तराखंड से भी एक और मंत्री को कैबिनेट में जगह दी जाएगा, जनता दल यूनाइटेड के आर.पी. सिंह को कैबिनेट मंत्रालय दिया जा सकता है और जेडीयू के संतोष कुशवाहा को राज्यमंत्री का पद दिया जा सकता है।

2019 के चुनावों के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देकर उप प्रधानमंत्री का पदभार संभाल सकते हैं। कर्नाटक, गुजरात और हिमाचल राज्यों के और प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्राप्त कर सकते हैं, क्योंकि इन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं।

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