नवरात्रि किस प्रकार मनायें, ये अब सनी लिऑन हिन्दुओ को बताएगी – मुंजाल

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न्यूज़ एनसीआर, (अमित चौधरी) 24 सितम्बर-फरीदाबाद | नवरात्रि यह हिंदुओं का एक पवित्र उत्सव है, इस उत्सव में नौ रातों को धार्मिक विधि, होम-हवन, जागरण, गरबा नृत्य आदि विविध माध्यम से मनाया जाता है। ऐसे होते हुए समाज में अश्लीलता फ़ैलाने वाली अभिनेत्री (पॉर्नस्टार) सनी लिऑन के मैन्फ़ोर्स कंपनी के कंडोम का विज्ञापन करने वाले होर्डिंग जगह-जगह लगे है उक्त शब्द जंतर-मंतर पर हिन्दू जनजागृति द्वारा जंतरमंतर पर भारी संख्या में विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं, हिन्दू बुद्धिजीवियों को सम्बोधित कर हिन्दू जनजागृति समिति के प्रवक्ता सुरेश मुंजाल ने कड़े शब्दों में विरोध करते हुए कहे।

प्रवक्ता सुरेश मुंजाल ने गुजरात में नवरात्रे पर लगे इन होर्डिंग के विषय पर बताया कि कि ‘इस नवरात्री को खेलो परंतु प्यार से ऐसे द्विअर्थी मात्र अत्यंत अश्लील स्वरूप का संदेश दिया जा रहा है। इसमें नवरात्रि किस प्रकार मनायें, ये अभी सनी लिऑन हिन्दुओ को बता रही है। अब वो हिंदूओं के धार्मिक त्योहार के माध्यम से ही अश्लील संदेश देकर धार्मिक त्योहारों की पवित्रता नष्ट कर रही है। इससे हिंदूओं की भावनाओं को ठेस पहूंची है और हिंदू भक्तों में असंतोष फैला हुआ है। इस हेतु सनी लिऑन और ‘मॅनफोर्स कंडोम’ उत्पादन बनाने वाली ‘मॅनकार्इंड’ कंपनी के विरोध में कार्यवाही हो।

धर्मनिरपेक्ष कहे जाने वाले हमारे देश में संविधान ने सभी धर्मियों को अपनी पद्धति से उपासना की स्वतंत्रता दी है। ऐसा होते हुए बंगाल में ममता बैनर्जी सरकार हिन्दुओ के धार्मिक अधिकारों पर निरंतर वार कर रही हैं । सुरेश मुंजाल ने आज कठोर शब्दों में टीका करते हुए कहा कि ममता सरकार मोहर्रम का कारण बताकर दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर एक दिन का प्रतिबंध लगा रही है। इस प्रकार मुसलमानों के त्योहारों के लिए हिन्दुओ के त्योहारों पर प्रतिबंध लगाना, धार्मिक पक्षपात ही है ।

दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध हटाएं। यह मांग की गई कि केंद्र सरकार इस प्रकरण में हस्तक्षेप कर दुर्गा मूर्ति विसर्जन पर लगाए गए प्रतिबंध को तुरंत हटाएं और ममता सरकार से इसका जवाब मांगे। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में धर्मांधों द्वारा मंदिर में घुसकर मूर्तियों का अनादर करना, मंदिर में तोडफोड करना, हिन्दुओ के घरों पर आक्रमण करना, उत्सवों की शोभायात्राओं तथा कार्यक्रमों पर पथराव करना आदि घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढती जा रही हैं। इनमें से अनेक प्रकरणों में पुलिस द्वारा जांच न करना, धर्मांधों का समर्थन करना, धर्मांध को ‘मनोरोगी’ बताकर कार्रवाई करने से बचना, सूत्रधार तक न पहुंचना, हिन्दुओ द्वारा अनेक परिवाद (शिकायत) करने पर भी उनकी अनदेखी करना आदि बार बार होता है।

ऐसे में इन प्रकरणों की जांच करने के लिए एक विशेष पथक की स्थापना की जाए। जिन भागों में इन घटनाओ की बारंबारता अधिक है, उस भाग के धर्मांध गुंडों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए, ऐसे क्षेत्रों में पुलिस की गश्ती टुकडियां तैनात की जाएं, मंदिरों को कठोर सुरक्षा प्रदान की जाए, ऐसी मांगें भी इस समय की गई ।

कोर्ट व सरकार से ‘लव जिहाद’ का स्थायी उपाय करने की मांग रखते हुए फरीदाबाद से आये कंप्यूटर इंजीनियर बाल किशन ने उपस्थित जनसमूह को ‘लव जिहाद’ के बारे में जानकारी दें उन्हें झझोरते हुए विषय पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया। बालकिशन ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में ‘राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण’ को केरल में ‘लव जिहाद’ के विषय में पूछताछ करने के आदेश दिए। इसमें ‘एनआइए’ ने ‘लव जिहाद’ को एक षड्यंत्र के रूप में कार्यरत होता पाया है। वर्ष २००९ में ‘लव जिहाद’ के प्रकरण में केरल उच्च न्यायालय के एक निर्णय में वर्ष 2006 से 2009 तक 2 हजार 500 से अधिक युवतियों का बलपूर्वक इस्लाम में धर्मांतरण किए जाने की जानकारी है ।

देश भर में हजारों युवतियां ‘लव जिहाद’ की बलि चढीं हैं। यह मांगें भी की गई कि ‘लव जिहाद’ के प्रकरणों की जांच के लिए केंद्र तथा सभी राज्यों के स्तर पर पुलिस की विशेष शाखा स्थापित की जाए, विवाह लडकियों के परिजनों की सहमति से ही हो तथा ‘स्पेशल मैरेज एक्ट’ के अंतर्गत किया जाए, तथा यह विवाह ‘लव जिहाद’ तो नहीं है, इसकी जांच की जाए, इस हेतु एक सक्षम व्यवस्था तैयार की जाए।

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