खट्टर की कुर्सी खतरे में, अगली बैठक होने तक संशय

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न्यूज़ एनसीआर, 27 अगस्त-चंडीगढ़ |  डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख की पेशी को लेकर राम रहीम के समर्थकों को रोकने के लिए पुख्ता इंतज़ाम नहीं कर पाने के कारण देश की जनता तो क्या खट्टर के अपने मंत्री भी नाराज है। पंचकूला कांड से किरकिरी झेल रहे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने डेरा प्रमुख की पेशी पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर अपने मंत्री साथियों को भी भरोसे में नहीं लिया। अब इस बात की चर्चा खट्टर के मंत्रियों में जोर-शोर से उठनी शुरू हो गई है और कई मंत्रियों ने अंदर ही अंदर इसका विरोध किया है।

मंत्रियों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री को इतने बड़े मामले में अपने मंत्रियों से बात करने की फुर्सत नहीं है तो किस तरह से सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो पाएगी। कई मंत्रियों ने इस बात को सिरे से खारिज किया कि बीते मंत्री समूह की मीटिंग में डेरा प्रमुख की पेशी को लेकर चर्चा की गई। मंत्रियों ने बताया कि इस मामले में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा सहित कई मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही तो मुख्यमंत्री ने टॉपिक ही बदल दिया था। फिलहाल पंचकूला कांड से मंत्रियों में काफी रोष है और पार्टी व मंत्री समूह की अगली मीटिंग में उनका रोष दिखाई पड़ सकता है। पार्टी और सरकार की अंदरूनी सियासत में यह बात चल रही है कि पंचकूला आगजनी में 31 लोगों की मौत की जिम्मेदारी आखिर किसकी बनती है।

घटनाक्रम के लिए खुद को अलग कर रहे हैं मंत्री


पंचकूला प्रकरण पर खट्टर सरकार पूरी तरह से बंट गई है। न्यूज़ एनसीआर के संवाददाता ने हरियाणा सरकार के एक मंत्री से बात की तो उनका कहना था, की इस घटना के लिए उनसे नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री और उनके सलाहकार से पूछो। पंचकूला में हिंसा व आगजनी के बाद सी.एम. ने कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में केवल वही मंत्री पहुंचे, जो चंडीगढ़ में ही मौजूद थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर सीएम खट्टर पर गाज गिरती है तो ये तीन नाम (विपुल गोयल, अनिल विज, कैप्टन अभिमन्यु) मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में संभावित है।

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