भ्रष्टाचार विरोधी मंच ने रचा इतिहास, एस.आई.टी. गठित कर जाँच के आदेश जारी

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न्यूज एनसीआर, फरीदाबाद। भ्रष्टाचार विरोधी मंच के तत्वावधान में चल रहे जन-आंदोलन व सत्याग्रह के आगे प्रदेश सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। हरियाणा सरकार की ओर से राज्य के उद्योग मंत्री विपुल गोयल आज सुबह स्वयं नगर निगम मुख्यालय स्थल पर आए एवं मंच के प्रतिनिधियों व अनशनकारी बाबा रामकेवल से बातचीत की। उद्योग मंत्री श्री गोयल ने भ्रष्टाचार विरोधी मंच की मांगों को मानते हुए विभाग के समस्त सिस्टम की जांच करवाने के लिए एस.आई.टी. गठित करने का आदेश भी दिया।

ज्ञात रहे की फरीदाबाद नगर निगम में व्याप्त महाभ्रष्टाचार की जांच करने की मांग को लेकर 55 दिन से चल रहे सत्याग्रह और बाबा रामकेवल के द्वारा 16 दिन तक किये गये आमरण अनशन के दबाब में हरियाणा सरकार को कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए एस.आई.टी. बनाने की घोषणा करने पर मजबूर होना पड़ा, जिसके लिए मंच की ओर से डा. ब्रहमदत्त ने उद्योग मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन व प्रशासन प्रणाली कायम करने के वायदों के कारण ही वर्तमान केन्द्र सरकार व राज्य सरकार को नागरिकों ने चुना था, लेकिन भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं को 55 दिन तक और एक संत को 16 दिन तक आमरण अनशन पर बैठना पड़ा – यह पीड़ादायक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निगम के सिस्टम में रहकर सिस्टम के भ्रष्टाचार के विरूद्ध आवाज उठाना वाला व्यक्ति यदि पूरे भारतवर्ष में उसे मिला है तो फरीदाबाद नगर निगम में रतन लाल रोहिल्ला के रूप में मिला है जिसके नेतृत्व में वर्ष 2012 में किये गये आंदोलन के कारण सरकार को जांच कमेटी बनानी पड़ी, सरकार ने जांच कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के आदेश दिये, जिन्हें निगम प्रशासन ने लागू नहीं किया। उन्होंने कहा की इस सत्याग्रह ने एक इतिहास कायम कर दिया है, जिसके लिए निगम अधिकारी रतन लाल रोहिल्ला बधाई के पात्र हैं।

डा. ब्रहमदत्त ने अपने सम्बोधन में कहा कि उनका यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष या पार्टी विशेष के विरूद्ध नहीं है बल्कि भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध है। इसके साथ ही निगम के वर्तमान सिस्टम में व्यापक सुधार कैसे हो यह भी एस.आई.टी. के अधिकार क्षेत्र का एजेंडा बनाया जाए जिससे कि आगे से घोटालों की गुजांईश ही ना रहे।

हरियाणा सरकार की ओर से उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने अपने सम्बोधन में सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर किये गये इस आंदोलन का एक अच्छा कदम बताया और कहा कि बाबा रामकेवल को वह अपना गुरू मानते हैं, वे आदेश ही देते तो एस.आई.टी. का गठन पहले ही हो जाता। इसके बाद उन्होंने एस.आई.टी. की स्वीकृति का ऐलान करते हुए 10 दिन के अंदर इसका गठन करने और एक महीने के अंदर-अंदर जांच रिपोर्ट हासिल कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करने का भरोसा दिया। इसके साथ ही उद्योग मंत्री श्री गोयल ने बाबा रामकेवल से अपना आमरण खोलने का आग्रह किया, जिस पर विचार करते हुए अनशनकारी बाबा रामकेवल ने 16 दिन से चला आ रहा आमरण अनशन मान्यता नामक एक नन्ही बच्ची के हाथों जूस पीकर समाप्त किया।

इस अवसर पर मंच ने यह एलान भी किया कि एस.आई.टी. के गठन की अधिसूचना या आदेश जारी होने तक उनका शांतिपूर्वक सत्याग्रह जारी रहेगा। मंच की ओर से वरूण श्योकंद और रतन लाल रोहिल्ला ने भ्रष्टाचार विरोधी जंग में साथ दे रहे सभी शहरवासियों, सामाजिक, छात्र, कर्मचारी, किसान, व्यापार, धार्मिक संगठनों, राजनैतिक दलों और समाज सेवियों का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जाहिर की है कि भ्रष्टाचारियों को उनकी असली जगह तक पहुंचाने तक वे मंच के संघर्ष में इसी प्रकार से सहयोग देते रहेंगे।

 

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