रोहतक कोर्ट ने जारी किया बाबा रामदेव के खिलाफ गैर जमानती वारंट

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रोहतक/हरिद्वार। योगगुरु बाबा रामदेव के खिलाफ जिला अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। रामदेव के खिलाफ ये वारंट उनके भड़काऊ भाषण देने वाले मामले में जारी किया गया है। कोर्ट ने एसपी को निर्देश दिया है कि रामदेव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए।

दरअसल अदालत ने पुलिस को बाबा रामदेव को तीन अगस्त को अदालत में पेश करने को कहा है। इससे पहले अदालत ने बाबा रामदेव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन उसके बावजूद भी बाबा रामदेव अदालत में पेश नहीं हुए, जिस पर अदालत ने सख्ती दिखाते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

बुधवार को एसीजेएम हरीश गोयल की अदालत में मामले को लेकर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता एवं पूर्व गृह राज्यमंत्री सुभाष बतरा के वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश चुघ ने बताया कि इससे पिछली तारीख पर बाबा रामदेव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए थे, लेकिन बाबा जानबूझ कर अदालत में नहीं आए। यही बात उन्होंने जज के सामने रखी कि बाबा आखिर क्यों पेश नहीं हो रहे, जिस पर अदालत ने पुलिस को आदेश दिए कि बाबा को तीन अगस्त को अदालत में पेश करें और अदालत ने उनकी गिरफ्तारी के वारंट जारी कर दिए हैं।

इस मामले में पुलिस को कई बार फटकार भी लग चुकी है। अदालत ने इस मामले में जांच के आदेश दिए थे और कहा था कि जांच एसपी स्तर का अधिकारी करे, लेकिन जांच रिपोर्ट डीएसपी ने पेश की थी, जिस पर अदालत ने कड़ा संज्ञान लिया था।

गौरतलब है की वर्ष 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के बाद तीन अप्रैल को नई अनाज मंडी में आयोजित सदभावना सम्मेलन के दौरान बाबा रामदेव ने मंच से भाषण दिया था कि कुछ लोग टोपी पहन कर कह रहे हैं कि चाहे उनके सिर कट जाएं, लेकिन भारत माता की जय नहीं बोलेंगे। बाबा रामदेव ने कहा था कि अगर उनके हाथ कानून से नहीं बंधे होते तो वे लाखों सिर कलम करने की हिम्मत रखते हैं। बाबा रामदेव के इस भाषण को लेकर पूर्व गृहमंत्री सुभाष बतरा ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कारवाई न करने पर पूर्व मंत्री ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था और तभी से मामला अदालत में विचाराधीन है।

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