बच्‍ची की लाश लेकर मेट्रो में घूमती रही गैंगरेप पीड़िता

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ऐसे में बच्चे की लाश लेकर मेट्रो में सफर करने के खुलासे के बाद मेट्रो पर मौजूद चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
29-30 मई की रात….गुरुग्राम में वारदात
29-30 मई की रात गुरुग्राम के मानेसर में जब तीन दरिंदो ने पीड़ित महिला की 9 साल की बच्ची को चलते ऑटो से फेंक दिया और उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था।

बेहद चौंकाने वाले खुलासे

इसके बाद जो खुलासे हुए वो बेहद चौंकाने वाले है। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने महिला को सुनसान जगह पर छोड़ दिया था। इसके बाद कुछ देर तक महिला बेसुध पड़ी रही। लेकिन उसने किसी तरह खुद को समेटा, और फिर बच्ची को अपने बांहों में लेकर कुछ दूर आगे चलने के बाद एक फैक्ट्री के पास पहुंची। वहां पीड़ित ने फैक्ट्री के गार्ड को अपनी पूरी कहानी बताई। इसके बाद गार्ड ने पीड़ित की मदद की। गार्ड ने एक ऑटो बुलाया और उसे खांडसा रोड पर उसके ससुराल तक छोड़ा।
शव लेकर मेट्रो में घूमती रही पीड़ित
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी बच्ची की लाश को लेकर मेट्रो से पहले दिल्ली स्थित एम्स पहुंची और फिर मेट्रो से ही गुड़गांव गई थी।

 

आरोपियों के स्केज जारी
मामले में पुलिस ने आरोपियों के पीड़ित महिला की सहायता से स्केच बनाने की कोशिश की है। इसके साथ ही पुलिस ने मानेसर, फरुखनगर और पटौदी गुरुग्राम के रूटो पर चलने वाले ऑटो चालकों से भी पूछताछ की है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस वारदात के इलाके की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। जांच में तेजी का हवाला देते हुए पुलिस ने दावा किया कि जांच कई थानों की अतिरिक्त टीम से भी मदद ली जा रही है।

क्या है पूरा मामला ?

दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर पुलिस थाने में हैवानियत, हत्या और गैंगरेप का मामला दर्ज हुआ है। बीती 29 मई को बिहार की रहने वाली पीड़ित ने गुरुग्राम पुलिस को अपनी 9 महीने की बच्ची की हत्या की शिकायत दी थी। आरोप ऑटो सवार तीन युवकों पर लगाया था. लेकिन, इसके बाद पीड़िता ने गुरुग्राम पुलिस को 3 जून को अपने साथ बीती हैवानियत और गैंगरेप की वारदात की जानकारी दी।

पीड़ित के बयान दर्ज किए और मेडिकल करवाया
गुरूग्राम पुलिस ने बीते 3 जून को पीड़ित के बयान दर्ज किए और मेडिकल करवाया। जिसमें पुष्टि होने के बाद हत्या के मामले के साथ गैंगरेप की धारा को भी जोड़ दिया गया। वहीं मामले की जांच कर रहे आईएमटी मानेसर के थाना प्रभारी नरेंद्र यादव की माने तो 27 वर्षीय पीड़िता मानेसर के बाँसकुसला में किराए के मकान में अपने पति के साथ रहती है। 29 मई की देर रात को पड़ोस में हुए झगड़े से घबरा कर अपने मायके खांडसा जाने के लिए अपनी 9 महीने की बच्ची को लेकर निकली थी।

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